नई दिल्ली। बिहार की राजनीति में एक बार फिर बड़ा संगठनात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। नीतीश कुमार का जनता दल यूनाइटेड (JDU) के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद पर दोबारा काबिज होना लगभग तय माना जा रहा है। उन्होंने अध्यक्ष पद के लिए अपना नामांकन दाखिल कर दिया है, जिससे यह साफ संकेत मिल रहा है कि पार्टी नेतृत्व एक बार फिर उनके हाथों में केंद्रित होने जा रहा है। यह कदम आगामी राजनीतिक रणनीतियों और संगठनात्मक मजबूती के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने नीतीश कुमार का नामांकन पत्र निर्वाचन अधिकारी अनिल हेगड़े को सौंपा। खास बात यह रही कि नीतीश कुमार खुद दिल्ली नहीं पहुंचे, बल्कि उनकी ओर से यह प्रक्रिया पूरी की गई। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने उनके नाम का समर्थन किया है और अब तक किसी अन्य नेता ने नामांकन दाखिल नहीं किया है। ऐसे में उनका निर्विरोध चुना जाना लगभग तय माना जा रहा है।
पार्टी द्वारा तय कार्यक्रम के अनुसार 15 मार्च से 22 मार्च तक नामांकन प्रक्रिया जारी रहेगी। 23 मार्च को स्क्रूटनी और 24 मार्च नामांकन वापसी की अंतिम तारीख है। यदि किसी और उम्मीदवार का नाम सामने नहीं आता है, तो 24 मार्च को ही नए राष्ट्रीय अध्यक्ष की औपचारिक घोषणा कर दी जाएगी। हालांकि, एक से अधिक उम्मीदवार होने की स्थिति में 27 मार्च को चुनाव कराया जाएगा। चुनाव के बाद राष्ट्रीय परिषद और कार्यकारिणी की बैठक भी आयोजित की जाएगी।
नीतीश कुमार का यह जेडीयू अध्यक्ष के रूप में पांचवां कार्यकाल होगा। वे पहली बार अप्रैल 2016 में इस पद पर आए थे, जब उन्होंने शरद यादव से जिम्मेदारी संभाली थी। इसके बाद 2019 में दोबारा अध्यक्ष बने, लेकिन 2020 में आरसीपी सिंह के लिए पद छोड़ा। हाल ही में दिसंबर 2023 में उन्होंने राजीव रंजन सिंह से फिर कमान संभाली थी। अब एक बार फिर उनका निर्विरोध अध्यक्ष बनना पार्टी में उनकी मजबूत पकड़ को दर्शाता है।