Chhattisgarh:हथियार छोड़, अब कुकिंग में हाथ आजमाएंगे नक्सली, जानें पंडुम कैफे की कहानी

छत्तीसगढ़। जगदलपुर में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ‘पंडुम कैफे’ का उद्घाटन किया, जहां पूर्व नक्सली और हिंसा पीड़ित अब समाज में वापसी के लिए साथ मिलकर काम करेंगे।
मुख्यमंत्री का उद्घाटन
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जगदलपुर में ‘पंडुम कैफे’ का लोकार्पण किया। इस कैफे में न केवल समर्पित पूर्व नक्सली बल्कि नक्सली हिंसा के पीड़ित भी सेवा देंगे।
समर्पण और पुनर्वास की पहल
‘पंडुम कैफे’ सरकार की समर्पण एवं पुनर्वास नीति के तहत एक प्रेरणादायक पहल है। इसका उद्देश्य हिंसा छोड़कर मुख्यधारा में लौट चुके पूर्व माओवादी कैडरों को सम्मानजनक और स्थायी आजीविका प्रदान करना है।
नक्सली पीड़ितों की भागीदारी
नक्सली हिंसा के पीड़ित भी इस कैफे में सक्रिय सहयोगी होंगे और पूर्व कैडरों को सामाजिक मुख्यधारा में पुनः एकीकृत करने में मदद करेंगे।

सांस्कृतिक पहचान
‘पंडुम’ नाम बस्तर की सांस्कृतिक जड़ों और पारंपरिक मूल्यों को दर्शाता है। कैफे का टैगलाइन “Where every cup tells a story” यह संदेश देता है कि हर परोसा गया कप साहस, परिवर्तन और नई शुरुआत की कहानी भी अपने साथ लाता है।
सामाजिक-आर्थिक मॉडल
सरकार के मार्गदर्शन में बस्तर पुलिस और स्थानीय प्रशासन यह सुनिश्चित करेंगे कि ‘पंडुम कैफे’ एक सफल सामाजिक-आर्थिक मॉडल के रूप में स्थापित हो और क्षेत्र में स्थायी प्रभाव डाले।











