Download App
Download on the App StoreGet it on Google Play
Breaking News

MP Weather Update :बारिश थमी… अब लू की दस्तक से बढ़ेगी मुश्किल, 5 डिग्री तक उछला पारा; दिन के साथ रातों में भी गर्मी

मध्य प्रदेश में आंधी-बारिश का दौर खत्म होते ही गर्मी ने असर दिखाना शुरू कर दिया है। कई शहरों में तापमान तेजी से बढ़ा है। मौसम विभाग के अनुसार 15 अप्रैल को नया सिस्टम आएगा, लेकिन राहत की उम्मीद कम है। जानिए शहरवार तापमान, आने वाले दिनों का पूर्वानुमान और गर्मी से बचाव के जरूरी उपाय।
Follow on Google News
बारिश थमी… अब लू की दस्तक से बढ़ेगी मुश्किल, 5 डिग्री तक उछला पारा; दिन के साथ रातों में भी गर्मी
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    भोपाल। मध्य प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। अभी कुछ दिनों पहले तक जहां आंधी, बारिश और ओलावृष्टि ने लोगों को गर्मी से राहत दी थी, वहीं अब अचानक गर्मी ने जोर पकड़ना शुरू कर दिया है। अप्रैल की शुरुआत में ठंडक का एहसास कराने वाला मौसम अब तेजी से तपिश में बदल रहा है। शुक्रवार को प्रदेश के अधिकांश शहरों में तापमान में 1 से 5.4 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई। यह संकेत है कि अब प्रदेश में तेज गर्मी का दौर शुरू होने वाला है।

    तापमान में उछाल, नर्मदापुरम सबसे गर्म

    तापमान के आंकड़ों पर नजर डालें तो कई शहरों में तेज उछाल देखने को मिला।

    • रतलाम में सबसे ज्यादा 5.4°C की बढ़ोतरी
    • नर्मदापुरम में तापमान 39.3°C पहुंच गया, जो प्रदेश में सबसे ज्यादा रहा
    • खरगोन और रतलाम जैसे शहर भी 38°C के आसपास रहे

    यह बढ़ोतरी साफ बताती है कि, अब गर्मी धीरे-धीरे अपने चरम की ओर बढ़ रही है।

    प्रमुख शहरों का तापमान

    शहर

    अधिकतम तापमान (°C)

    न्यूनतम तापमान (°C)

    भोपाल

    34.6

    19.0

    इंदौर

    35.0

    19.2

    उज्जैन

    35.5

    16.8

    ग्वालियर

    33.4

    18.7

    जबलपुर

    34.6

    17.4

    नर्मदापुरम

    39.3

    21.2

    रतलाम

    38.6

    20.2

    खरगोन

    38.0

    20.4

    उज्जैन बड़े शहरों में सबसे गर्म रहा, जबकि नर्मदापुरम पूरे प्रदेश में सबसे आगे रहा।

    15 अप्रैल से फिर बदलेगा मौसम?

    मौसम विभाग के अनुसार, 15 अप्रैल के आसपास एक नया मौसम सिस्टम सक्रिय होगा, लेकिन यह सिस्टम काफी कमजोर रहेगा और इससे प्रदेश को ज्यादा राहत मिलने की संभावना नहीं है। ऐसे में आने वाले दिनों में तापमान में लगातार बढ़ोतरी होगी, गर्म हवाएं चल सकती हैं और कई इलाकों में हीट वेव जैसे हालात भी बन सकते हैं।

    Featured News

    अप्रैल का दूसरा पखवाड़ा

    मौसम विभाग के मुताबिक, जैसे सर्दी के लिए दिसंबर-जनवरी और बारिश के लिए जुलाई-अगस्त अहम होते हैं, वैसे ही गर्मी के लिए अप्रैल और मई सबसे महत्वपूर्ण महीने माने जाते हैं। खासतौर पर अप्रैल का दूसरा पखवाड़ा, यानी 15 अप्रैल के बाद का समय तेज गर्मी का पीक होता है। ऐसे में अब आने वाले दिनों में लोगों को असली गर्मी का सामना करना पड़ेगा।

    इस बार अप्रैल में 9 दिन हुई बारिश

    इस साल अप्रैल का पहला हफ्ता सामान्य से बिल्कुल अलग रहा। 1 से 9 अप्रैल तक लगातार मौसम में बदलाव देखने को मिला, जिसमें 45 से ज्यादा जिलों में बारिश हुई और 15 से ज्यादा जिलों में ओलावृष्टि दर्ज की गई। इस दौरान ग्वालियर में सबसे ज्यादा बारिश रिकॉर्ड की गई। इस असामान्य मौसम ने कुछ दिनों के लिए गर्मी की शुरुआत को टाल दिया, लेकिन अब मौसम फिर से अपने सामान्य ट्रेंड पर लौट आया है।

    फसलों पर पड़ा असर

    बारिश और ओलावृष्टि का असर सिर्फ मौसम तक सीमित नहीं रहा, बल्कि फसलों पर भी पड़ा। प्रभावित फसलें-

    • गेहूं
    • पपीता
    • केला

    फरवरी और मार्च में 4-4 बार मौसम बदलने से किसानों को नुकसान उठाना पड़ा। कई जिलों में फसलें खराब हो गईं, जिसके बाद सरकार ने सर्वे भी कराया।

    Breaking News

    गर्मी से बचाव के लिए मौसम विभाग की एडवाइजरी

    गर्मी बढ़ने के साथ ही स्वास्थ्य संबंधी खतरे भी बढ़ जाते हैं। इसे देखते हुए मौसम विभाग ने लोगों के लिए जरूरी सलाह जारी की है।

    क्या करें?

    • दिनभर पर्याप्त पानी पिएं।
    • शरीर को हाइड्रेट रखें।
    • हल्के और ढीले सूती कपड़े पहनें।
    • घर से निकलते समय सिर ढकें।

    क्या न करें?

    • दोपहर 12 से 3 बजे तक धूप में न निकलें।
    • लंबे समय तक सीधी धूप में रहने से बचें।

    बच्चों और बुजुर्गों को खास ध्यान देने की जरूरत है, क्योंकि वे गर्मी से जल्दी प्रभावित होते हैं।

    इस साल अभी तक कैसा रहा मौसम का ट्रेंड

    अगर पूरे मौसम के पैटर्न को समझें, तो एक बात साफ नजर आती है कि इस साल मौसम लगातार उतार-चढ़ाव वाला रहा है। फरवरी और मार्च में कई बार मौसम बदला, जिससे बारिश, आंधी और ओलावृष्टि देखने को मिली। अप्रैल की शुरुआत भी सामान्य से अलग रही, जहां बारिश और ठंडक का असर बना रहा। हालांकि, अब अप्रैल के मध्य से गर्मी ने दोबारा जोर पकड़ना शुरू कर दिया है और तापमान तेजी से बढ़ रहा है।

    अप्रैल के आखिर और मई में आमतौर पर गर्मी अपने चरम पर पहुंचती है, जब लू चलने लगती है और दिन के साथ-साथ रात का तापमान भी बढ़ जाता है। मौसम विभाग के संकेतों के अनुसार, आने वाले दिनों में न केवल दिन का पारा बढ़ेगा, बल्कि रातें भी गर्म होने लगेंगी, जिससे उमस और बेचैनी बढ़ सकती है।

    Manisha Dhanwani
    By Manisha Dhanwani

    मनीषा धनवानी | जागरण लेकसिटी यूनिवर्सिटी से BJMC | 6 वर्षों के पत्रकारिता अनुभव में सब-एडिटर, एंकर, ...Read More

    Latest Posts