इंदौर - 17 मार्च की रात इंदौर की बृजेश्वरी एनेक्स कॉलोनी में रहने वाले रबर कारोबारी मनोज पुगलिया के तीन मंजिला मकान में आग लग गई। इसमें 8 लोगों की जान चली गई। इस भीषण अग्निकांड के बाद राहत और बचाव कार्य को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। घटना के बाद सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो और स्थानीय लोगों के आरोपों के बीच फायर ब्रिगेड ने अपनी कार्रवाई की पूरी टाइमलाइन सामने रखते हुए सफाई दी है। फायर ब्रिगेड के एएसआई सुशील कुमार दुबे के अनुसार, टीम ने सूचना मिलते ही तत्काल कार्रवाई की और उपलब्ध संसाधनों के साथ पूरी क्षमता से आग पर काबू पाने का प्रयास किया।
क्या हुआ था उस रात -
मिनट-टु-मिनट: फायर ब्रिगेड की कार्रवाई
04:01 बजे
कंट्रोल रूम से एएसआई सुशील कुमार दुबे को आग लगने की सूचना प्राप्त हुई।
04:02 बजे
सूचना मिलते ही महज एक मिनट के भीतर फायर ब्रिगेड की पहली गाड़ी तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना कर दी गई।
04:08–04:09 बजे (लगभग)
फायर ब्रिगेड की टीम घटनास्थल पर पहुंची। पहुंचते ही आग बुझाने और राहत कार्य शुरू कर दिया गया। मौके पर पहुंचने की सूचना कंट्रोल रूम को भी दे दी गई, ताकि रेस्पॉन्स टाइम दर्ज हो सके।
04:10–04:15 बजे
आग तेजी से फैलती हुई दिखाई दी। हालात बेहद भयावह हो चुके थे। इसी दौरान रेस्क्यू ऑपरेशन के बीच एक जोरदार धमाका हुआ, जिससे आग ने और विकराल रूप ले लिया।
04:19–04:20 बजे
स्थिति बेकाबू होती देख एएसआई दुबे ने तत्काल दूसरी फायर ब्रिगेड गाड़ी की मांग की। दूसरी गाड़ी मौके के लिए रवाना की गई।
04:20 बजे के बाद
आग की तीव्रता कम नहीं होने पर अन्य स्थानों से भी अतिरिक्त फायर ब्रिगेड गाड़ियों को बुलाने का निर्णय लिया गया।
राहत कार्य के दौरान
सुशील दुबे ने बताया कि कंट्रोल रूम से आग लगने की सूचना उन्हें सुबह 04:01 बजे प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही महज एक मिनट के भीतर 04:02 बजे फायर ब्रिगेड की पहली गाड़ी मौके के लिए रवाना कर दी गई। निर्धारित समय में टीम घटनास्थल पर पहुंची और पहुंचते ही आग बुझाने का कार्य शुरू कर दिया गया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मौके पर पहुंचने की सूचना उन्होंने तत्काल कंट्रोल रूम को दी, ताकि रेस्पॉन्स टाइम रिकॉर्ड में दर्ज हो सके।
आग तेजी से फैल चुकी थी
घटनास्थल पर पहुंचने के बाद हालात बेहद भयावह थे। आग तेजी से फैल चुकी थी और रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान अचानक एक जोरदार धमाका हुआ, जिसने आग को और अधिक विकराल बना दिया। धमाके के बाद आग ने भयावह रूप ले लिया, जिससे हालात और ज्यादा गंभीर हो गए। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए दुबे ने तत्काल अतिरिक्त फायर ब्रिगेड गाड़ियों की मांग की। लगभग 04:19 से 04:20 बजे के बीच दूसरी गाड़ी को मौके पर बुलाया गया।
इसके बाद भी आग पर काबू नहीं पाया जा सका तो अन्य स्थानों से भी फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को बुलाने का निर्णय लिया गया। दुबे ने दावा किया कि पूरी कार्रवाई का रिकॉर्ड उनके पास उपलब्ध है और प्रत्येक कॉल, गाड़ी रवाना होने का समय तथा मौके पर पहुंचने का समय दस्तावेजों में दर्ज है। उन्होंने कहा कि इस मामले में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती गई है।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो -
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में लगाए जा रहे आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए दुबे ने कहा कि उनके पास जो आधिकारिक सूचना आई, उसी के आधार पर उन्होंने तुरंत कार्रवाई की। उनके अनुसार, सूचना मिलते ही गाड़ी रवाना कर दी गई थी और रेस्पॉन्स में कोई देरी नहीं की गई। हालांकि उन्होंने यह स्वीकार किया कि सूचना उन्हें देर से प्राप्त हुई हो सकती है, लेकिन जैसे ही जानकारी मिली, टीम ने बिना समय गंवाए घटनास्थल के लिए प्रस्थान किया।
घटनास्थल की परिस्थितियां बेहद चुनौतीपूर्ण -
दुबे ने बताया कि घटनास्थल की परिस्थितियां बेहद चुनौतीपूर्ण थीं। आग के साथ हुए धमाकों के कारण अंदर प्रवेश करना अत्यंत जोखिम भरा था। बावजूद इसके टीम ने पानी की बौछारें चलाईं, सीढ़ियों के माध्यम से पहुंचने का प्रयास किया और आसपास के क्षेत्रों में भी आग फैलने से रोकने का काम किया। उपलब्ध संसाधनों के आधार पर हर संभव प्रयास किया गया। हालांकि इस घटना को लेकर लगाए जा रहे आरोपों पर उन्होंने दुख भी जताया। उनका कहना है कि जब टीम पूरी निष्ठा और जोखिम के साथ काम करती है और फिर भी आरोप लगते हैं, तो यह पीड़ादायक होता है।