Mahila Congress :महिला कांग्रेस अध्यक्ष रीना बोलीं-महिलाओं को जागरूक कर कांग्रेस से जोड़ूंगी, बहनों को नहीं मिल रहा हक  

 कांग्रेस संगठन ने नई मप्र महिला कांग्रेस अध्यक्ष पद पर रीना बोरासी सेतिया की नियुक्ति की है। राजनीतिक पारिवारिक पृष्ठभूमि वालीं रीना का मानना है कि प्रदेश में महिलाओं को वास्तविक हक नहीं मिल रहा है। पीपुल्स अपडेट को दिए इंटरव्यू में उन्होंने चुनौतियों और कार्ययोजना के बारे में बात की। 
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महिला कांग्रेस अध्यक्ष रीना बोलीं-महिलाओं को जागरूक कर कांग्रेस से जोड़ूंगी, बहनों को नहीं मिल रहा हक  
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    नरेश भगोरिया, भोपाल। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने मप्र महिला कांग्रेस पद पर नई नियुक्ति की है। वरिष्ठ नेत्री विभा पटेल की जगह अब इंदौर की युवा नेत्री रीना बोरासी को महिला कांग्रेस अध्यक्ष बनाया है। रीना पूर्व सांसद प्रेमचंद गुड्डू की बेटी हैं। इस लिहाज से उनकी राजनीतिक पृष्ठभूमि मजबूत है। लेकिन जिन परिस्थितयों में उन्हें यह पद सौंपा गया है, वह महिलाओं को कांग्रेस से जोड़ने के लिए कठिन माना जा रहा है। दरअसल मप्र ही नहीं देशभर में सरकारें अलग-अलग योजनाओं के नाम से महिलाओं को हर महीने आर्थिक मदद दे रही है। मप्र में लाड़ली बहनाओं को अब हर माह 1500 रुपए दिए जा रहे हैं। ऐसी स्थिति में ज्यादातर महिलाएं सरकारों से प्रसन्न हैं। इस चुनौतीपूर्ण समय में कैसे काम करेंगी पूछने पर रीना कहती हैं 'निश्चित रूप से कठिन चुनौती है लेकिन ऐसा नहीं हैं कि सभी महिलाएं सरकार के कामकाज से खुश हैं। राज्य सरकार आज भी उन्हें पूरा हक नहीं दे रहीं। सरकार ने वादा किया था, तीन हजार रुपए हर महीने दिए जाएंगे लेकिन अभी भी आधे पैसे नहीं दिए जा रहे।'

    महिलाओं की सुरक्षा बड़ा मुद्दा

    रीना कहती हं कि लाड़ली बहना योजना से कई महिलाओं के नाम काट दिए जा रहे हैं। इससे भी महिलाएं नाराज हैं। प्रदेश में महिलाओं पर अत्याचार लगातार हो रहे हैं। चाहे दूर-दराज का इलाका हो या फिर इंदौर जैसे शहर में बस का सफर महिलाएं अपने आपको असुरक्षित महसूस कर रही हैं। बलात्कार के मामले में प्रदेश का नाम देश के प्रमुख राज्यों में आता है। ऐसे में महिलाओं की नाराजगी है। कामकाजी महिलाएं हों या स्कूल-कॉलेज जाती छात्राएं, गुंडों का खौफ रहता है। इंदौर में अंतरराष्ट्रीय महिला खिलाड़ी से छेड़छाड़ के कारण प्रदेश की छवि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर धूमिल हुई है।

    वरिष्ठ नेत्रियों के अनुभव का लाभ मिलेगा

    महिला कांग्रेस में लंबे समय तक सीनियर नेत्रियां अध्यक्ष पद की बागडोर संभालते रही हैं। महिला कांग्रेस में ज्यादातर उम्रदराज नेत्रियां ही रही हैं। पहली बार इतनी युवा नेत्री को प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है। ऐसे में नई और पुरानी टीम में कैसे तालमेल होगा? यह पूछे जाने पर रीना कहती हैं कि-'हमारी वरिष्ठ नेत्रियों के मार्गदर्शन में ही हम काम करेंगे। उनके अनुभव का लाभ और आशीर्वाद हमें मिलेगा। मैं उनके मार्गदर्शन में ही महिला कांग्रेस का काम आगे बढ़ाऊंगी।' रीना ने बताया कि वे कुछ दिनों में भोपाल पहुंचकर कार्यभार संभालेंगी। इसके बाद महिलाओं को कांग्रेस से जोड़ने के काम पर फोकस करेंगी। उल्लेखनीय है कि 2023 के विधानसभा चुनावों में इंदौर की सांवेर विधानसभा से कांग्रेस प्रत्याशी रही हैं। इसके अलावा वे युवा कांग्रेस में भी अहम जिम्मेदारियां निभा चुकी हैं।  

    Naresh Bhagoria
    By Naresh Bhagoria

    नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...Read More

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