समय से पहले खाली हो रही LPG सिलेंडर ;अभी सुधार ले ये आदत, मिलेगा फायदा

सर्दियों के मौसम में हमारी भूख आम दिनों के मुकाबलें बढ़ जाती है। जिसके कारण किचन में हमें थोड़ा ज्यादा कुकिंग करनी पड़ती है। हालांकि इससे किचन में रखी गैस सिलेंडर पर भी असर पड़ता है। हम सोचते हैं कि खाना तो हर महीने के हिसाब से ही बन रहा है, लेकिन फिर गैस की खपत कैसे बढ़ रही। कई बार हम LPG सिलेंडर का सही यूज नहीं जानते जिससे किसी भी महीने हमें गैस रिफिलिंग करवानी पड़ती है। जिसका सीधा असर हमारी जेब पर पड़ता है।
कौनसा बर्तन कुकिंग के लिए सही?
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खाना बनाते समय हमेशा फ्लैट तले वाले बर्तनों का इस्तेमाल करें।
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ऐसे बर्तन बर्नर पर पूरी तरह फिट बैठते हैं, जिससे गैस की गर्मी सीधे बर्तन तक पहुंचती है।
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फ्लैट तले वाले बर्तनों में गर्मी समान रूप से फैलती है, जिससे खाना जल्दी पकता है।
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टेढ़े या पतले तले वाले बर्तनों में गर्मी बराबर नहीं लगती।
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ऐसे बर्तनों में खाना पकाने में ज्यादा समय लगता है, जिससे गैस की खपत बढ़ जाती है।
तेज आंच पर खाने बनाने से बचे
- कई लोगों की आदत होती है कि तेज आंच पर खाना बनाते हैं, जिससे गैस की खपत तेजी से बढ़ जाती है।
- तेज आंच पर खाना पकाने से भोजन के जलने का खतरा भी रहता है।
- मध्यम आंच पर पकाने से गर्मी संतुलित रहती है और खाना अच्छी तरह पकता है।धीमी या मध्यम आंच का इस्तेमाल करने से गैस की बचत होती है और सिलेंडर ज्यादा समय तक चलता है।
प्रेशर कुकर गैस बचाने का बेहतर ऑप्शन
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प्रेशर कुकर गैस बचाने का सबसे प्रभावी तरीका माना जाता है।
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इसमें खाना कम समय में पक जाता है, जिससे गैस की खपत कम होती है।
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कुकर में पकाने से गर्मी अंदर ही बनी रहती है और ऊर्जा की बचत होती है।
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दाल, सब्जी और चावल जैसे व्यंजन कुकर में बनाने से गैस सिलेंडर ज्यादा समय तक चलता है।
कुकिंग के समय ढक्कन का जरूर करें यूज
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बिना ढक्कन के खाना पकाने पर गर्मी और भाप बाहर निकल जाती है।
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इससे खाना पकने में ज्यादा समय लगता है और गैस की खपत बढ़ जाती है।
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ढक्कन लगाकर पकाने से गर्मी अंदर बनी रहती है।
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इससे खाना जल्दी पकता है और गैस की अच्छी बचत होती है।











