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पश्चिम बंगाल विधानसभा में एंटी रेप बिल पास, कोमा या मौत होने पर 10 दिन में होगी फांसी, ममता बोलीं- मुझे CBI से न्याय चाहिए

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पश्चिम बंगाल विधानसभा में एंटी रेप बिल पास, कोमा या मौत होने पर 10 दिन में होगी फांसी, ममता बोलीं- मुझे CBI से न्याय चाहिए
कोलकाता। कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में 8-9 अगस्त को ट्रेनी डॉक्टर के साथ रेप-मर्डर हुआ था। इस मामले पर बवाल जारी है। जूनियर डॉक्टर कोलकाता पुलिस मुख्यालय के सामने धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। इस बीच बंगाल विधानसभा के दो दिवसीय विशेष सत्र के आखिरी दिन मंगलवार को एंटी रेप बिल पारित हो गया। नए कानून के तहत रेप केस की 36 दिन में जांच पूरी करनी होगी। इसके अलावा पीड़ित के कोमा में जाने या मौत होने पर दोषी को 10 दिन में फांसी की सजा होगी। बिल आगे राज्यपाल के पास भेजा जाएगा। उनके साइन के बाद यह कानून बन जाएगा।

36 दिन में पूरी करनी होगी जांच

इससे पहले बनर्जी सरकार ने इस बिल अपराजिता महिला एवं बाल (पश्चिम बंगाल आपराधिक कानून संशोधन) 2024 को विधानसभा में पेश किया था। नए कानून के तहत रेप केस की 36 दिन में जांच पूरी करनी होगी। इसके अलावा पीड़ित के कोमा में जाने या मौत होने पर दोषियों को 10 दिनों के भीतर फांसी की सजा सुनिश्चित करने का प्रावधान है। बिल आगे राज्यपाल के पास भेजा जाएगा। उनके साइन के बाद यह कानून बन जाएगा।

BJP की नारेबाजी पर भड़कीं ममता बनर्जी

पश्चिम बंगाल विधानसभा में पेश एंटी रेप बिल पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि केंद्र सरकार ने खुद कहा है कि कोलकाता देश का सबसे सुरक्षित शहर है। इस बीच बीजेपी ने आरजी कर के नारे लगा रही है। आरजी कर के लिए न्याय की मांग की जा रही है। इस पर ममता बनर्जी ने नारेबाजी कर रहे बीजेपी के विधायकों से कहा कि पहले आप मोदी जी को इस्तीफा देने को कहो। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एंटी रेप बिल पर चर्चा करते हुए कहा कि हमने 12 घंटे में आरोपी को पकड़ लिया था। पीड़ित परिवार के साथ हमारी संवेदनाएं हैंञ दोषियों को जल्द से जल्द कड़ी सजा हो। हमने जांच के लिए स्पेशल टीम बनाई थी। इस मामले में सीबीआई अब इंसाफ दिलवाए।

बिल को अपराजिता महिला एवं बाल विधेयक दिया नाम

पश्चिम बंगाल विधानसभा में एंटी रेप बिल पारित हो गया है।कई घंटों की चर्चा के बाद इस बिल को पारित कर दिया गया। इस बिल का आधिकारिक नाम अपराजिता महिला एवं बाल विधेयक (पश्चिम बंगाल आपराधिक कानून संशोधन) 2024 है। इस प्रस्तावित कानून का उद्देश्य बलात्कार और यौन अपराधों से संबंधित नए प्रावधानों के जरिए महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा मजबूत करना है।

एंटी रेप बिल के बारे में जानिए

  • इस बिल के भीतर रेप और हत्या करने वाले आपराधी के लिए फांसी की सजा का प्रावधान।
  • चार्जशीट दायर करने के 36 दिनों के भीतर सजा-ए-मौत का प्रावधान।
  • 21 दिन में जांच पूरी करनी होगी।
  • अपराधी की मदद करने पर 5 साल की कैद की सजा का प्रावधान।
  • हर जिले के भीकर स्पेशल अपराजिता टास्क फोर्स बनाए जाने का प्रावधान।
  • रेप, एसिड, अटैक और छेड़छाड़ जैसे मामलों में ये टास्क फोर्स लेगी एक्शन।
  • रेप के साथ ही एसिड अटैक भी उतना ही गंभीर, इसके लिए आजीवन कारावास की सजा का प्रावधान।
  • पीड़िता की पहचान उजागर करने वालों के खिलाफ 3-5 साल की सजा का प्रावधान.
  • विधेयक में रेप की जांच और सुनवाई में तेजी लाने के लिए BNSS प्रावधानों में संशोधन शामिल।
  • सभी यौन अपराधों और एसिड अटैक की सुनवाई 30 दिनों में पूरी करने का प्रावधान।

बिल में कई धाराओं में बदलाव किया

बिल ड्राफ्ट में भारतीय न्याय संहिता के सेक्शन 64, 66, 70(1), 71, 72(1), 73, 124(1) और 124 (2) में बदलाव का प्रस्ताव है। इसमें मुख्य तौर पर रेप की सजा, रेप और मर्डर, गैंगरेप, लगातार अपराध करना, पीड़ित की पहचान उजागर, एसिड अटैक के मामले शामिल हैं। इसमें सेक्शन 65(1), 65 (2) और 70 (2) को हटाने का प्रस्ताव है। इसमें 12, 16 और 18 साल से कम उम्र के दोषियों को सजा दी जाती है। ये भी पढ़ें- Kolkata Doctor Murder : पुलिस आयुक्त के इस्तीफे को लेकर जूनियर डॉक्टर सड़कों पर, मार्च को आगे बढ़ने से रोका गया, सड़क पर ही बिता दी पूरी रात
Mithilesh Yadav
By Mithilesh Yadav

वर्तमान में पीपुल्स समाचार के डिजिटल विंग यानी 'पीपुल्स अपडेट' में बतौर सीनियर सब-एडिटर कार्यरत हूं।...Read More

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