इंदौर के ब्रजेश्वरी एनएक्स में 18 मार्च को हुए भीषण अग्निकांड को लेकर चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है। घटना के समय घर के बाहर खड़ी इलेक्ट्रिक कार का चार्जर करीब 31 एम्पीयर करंट खींच रहा था, जो सामान्य से लगभग तीन गुना ज्यादा बताया जा रहा है। इस खुलासे ने हादसे की जड़ को और गहरा कर दिया है, जहां अब शक पूरी तरह ईवी चार्जिंग सिस्टम पर जाकर टिक गया है।
रात 11 से 3 तक हुई गाड़ी चार्ज
जानकारी के मुताबिक, रात करीब 11 बजे इलेक्ट्रिक कार को चार्जिंग पर लगाया गया था। उस समय घर में करीब 9 किलोवाट बिजली लोड दर्ज किया गया। स्मार्ट मीटर के डेटा में साफ है कि रात 11 बजे से तड़के 3 बजे तक कार लगातार चार्ज होती रही। इसके बाद अचानक मीटर ने ऑटो कट-ऑफ लिया और बिजली सप्लाई कुछ समय के लिए बंद हो गई। लेकिन करीब 3:30 बजे जैसे ही सप्लाई दोबारा शुरू हुई, कुछ ही देर में जोरदार धमाका हुआ और पूरा घर आग की लपटों में घिर गया। बिजली कंपनी ने भी साफ कर दिया है कि मौके के खंभे पर किसी तरह का शॉर्ट सर्किट नहीं हुआ था, जिससे ‘पोल से चिंगारी’ वाली थ्योरी लगभग खत्म हो गई है। इससे जांच का फोकस अब पूरी तरह इलेक्ट्रिक कार और उसकी चार्जिंग प्रक्रिया पर केंद्रित हो गया है।
इस दर्दनाक हादसे में 60 वर्षीय मनोज पुगलिया, सिमरन पुगलिया, विजय सेठिया, सुमन सेठिया, रुचिका संचेती, कार्तिक सेठिया, राशि और मासूम तनय सहित कुल 8 लोगों की मौत हो गई थी। हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि 8 वर्षीय तनय का अधिकांश शरीर जल गया था और बाद में मलबे से उसका धड़ बरामद हुआ, जिसे पुलिस ने मुक्तिधाम में दफनाया।
घटना के बाद आसपास के रहवासियों ने भी मलबे से बदबू आने की शिकायत की थी, जिसके बाद नगर निगम और पुलिस की टीम ने दोबारा सर्चिंग कर शव के अवशेष बरामद किए। वहीं, पुलिस ने पड़ोसियों सहित कई लोगों के बयान दर्ज किए हैं और पुगलिया परिवार के सदस्यों को भी पूछताछ के लिए बुलाया गया है।
फिलहाल मकान पुलिस की निगरानी में है और बिजली, फायर सेफ्टी, कार कंपनी व पीडब्ल्यूडी की संयुक्त जांच जारी है। इस पूरे मामले में अंतिम रिपोर्ट के बाद ही आग लगने की असली वजह पर अंतिम मुहर लग सकेगी,