Aakash Waghmare
17 Jan 2026
Manisha Dhanwani
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Manisha Dhanwani
16 Jan 2026
नई दिल्ली। भारत ने रक्षा क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने सोमवार को इंटरमीडिएट रेंज बैलिस्टिक मिसाइल अग्नि-प्राइम का रेल आधारित मोबाइल लॉन्चर से सफल परीक्षण किया। यह अपनी तरह का पहला प्रयोग था, जिसमें विशेष रूप से डिजाइन किए गए रेल लॉन्चर से मिसाइल दागी गई। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस सफलता की जानकारी दी और पूरी टीम को बधाई दी।
अग्नि-प्राइम मिसाइल को अग्नि सीरीज की सबसे उन्नत तकनीक वाली मिसाइल माना जा रहा है। यह मध्यम दूरी की इंटरमीडिएट रेंज मिसाइल है, जिसकी मारक क्षमता लगभग 2000 किलोमीटर तक है।
इसकी खासियतें:
सटीक निशाना – एडवांस्ड नेविगेशन सिस्टम की मदद से यह लक्ष्य पर बिल्कुल सही प्रहार कर सकती है।
तेज रिएक्शन – बिना लंबी तैयारी के तुरंत लॉन्च हो सकती है।
कैनिस्टर तकनीक – मिसाइल को एक मजबूत धातु कंटेनर (कैनिस्टर) में रखा जाता है, जो इसे धूल, नमी और मौसम से सुरक्षित रखता है।
इस परीक्षण ने भारत को उन चुनिंदा देशों की कतार में ला खड़ा किया है जिनके पास रेल आधारित कैनिस्टराइज्ड लॉन्चिंग सिस्टम है। अब भारत अमेरिका, रूस और चीन जैसे देशों की श्रेणी में खड़ा हो गया है।
इससे मिलने वाले फायदे:
रणनीतिक ताकत में इजाफा – भारत को कहीं भी, कभी भी जवाब देने की क्षमता।
सीमा सुरक्षा – दुश्मन की गतिविधियों पर तुरंत प्रतिक्रिया देने में मदद।
आत्मनिर्भर भारत की ओर कदम – पूरी तकनीक देश में विकसित की गई है।
परीक्षण ओडिशा के चांदीपुर स्थित इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज से किया गया। इसमें डीआरडीओ, स्ट्रैटेजिक फोर्सेस कमांड (SFC) और भारतीय सेना की अहम भूमिका रही। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस सफलता पर बधाई दी और इसे भारत की रक्षा क्षमता में ऐतिहासिक उपलब्धि बताया।
अग्नि-प्राइम अग्नि सीरीज की छठी मिसाइल है और इसे जल्द ही सेना में शामिल किए जाने की तैयारी है। इससे भारत की मिसाइल शक्ति और भी मजबूत हो जाएगी।