हल्दिया रिफाइनरी में बड़ा हादसा :नैफ्था पाइपलाइन में लगी आग, कई कर्मचारी झुलसे; रेलवे सेवा भी प्रभावित

कोलकाता। पश्चिम बंगाल के हल्दिया रिफाइनरी में मंगलवार तड़के उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब नैफ्था ले जाने वाली मुख्य पाइपलाइन में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते ऊंची लपटों ने आसपास का इलाका अपनी चपेट में ले लिया और पाइपलाइन के पास काम कर रहे कई कर्मचारी झुलस गए। घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जबकि हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है।
सुबह 4 बजे के आसपास हुआ हादसा
यह घटना मंगलवार तड़के सुबह करीब 4:00 से 4:30 बजे के बीच पश्चिम बंगाल के पूर्व मेदिनीपुर जिले स्थित हल्दिया रिफाइनरी में हुई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, नैफ्था की आपूर्ति के दौरान मुख्य पाइपलाइन में अचानक आग लग गई। कुछ ही सेकेंड में आग ने विकराल रूप ले लिया और आसपास काम कर रहे कर्मचारी इसकी चपेट में आ गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पाइपलाइन से अचानक तेज लपटें उठीं, जिससे मौके पर भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।
कई कर्मचारी झुलसे, अस्पताल में इलाज जारी
हादसे के बाद फैक्ट्री प्रबंधन, स्थानीय लोग और राहत दल तुरंत मौके पर पहुंचे। सभी घायलों को तत्काल हल्दिया सब-डिविजनल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, करीब 15 कर्मचारी आग की चपेट में आए हैं। इनमें कई लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है। हालांकि अधिकारियों ने घायलों की आधिकारिक संख्या की पुष्टि नहीं की है।
रेलवे ट्रैक के पास लगी आग
आग रेलवे ट्रैक के बेहद नजदीक लगी थी। सुरक्षा कारणों से हल्दिया-हावड़ा रेल मार्ग पर ट्रेन संचालन अस्थायी रूप से प्रभावित हुआ। एहतियात के तौर पर सुबह हल्दिया से हावड़ा जाने वाली लोकल ट्रेन को निर्धारित समय पर रवाना नहीं किया गया। इससे हल्दिया, पांसकुड़ा और हावड़ा के बीच रोजाना सफर करने वाले हजारों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। रेलवे अधिकारियों ने स्थिति सुरक्षित होने के बाद ही ट्रेनों का संचालन शुरू करने का फैसला लिया।
आग लगने की वजह अभी साफ नहीं
फैक्ट्री प्रबंधन के मुताबिक फिलहाल आग लगने की असली वजह सामने नहीं आई है। टीम पूरे मामले की जांच कर रही है। प्राथमिक जांच में यह संभावना भी जताई जा रही है कि, घटना उस स्थान के पास हुई, जहां पहले नैफ्था की कथित अवैध चोरी की घटनाओं की आशंका जताई जाती रही है। हालांकि अधिकारियों ने इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। जांच में पाइपलाइन की तकनीकी खराबी, गैस रिसाव या अन्य संभावित कारणों की भी पड़ताल की जा रही है।
कंपनी का बयान
रिफाइनरी प्रबंधन ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि, उनकी पहली प्राथमिकता घायल कर्मचारियों का बेहतर इलाज और सभी कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। कंपनी के अनुसार, विशेषज्ञों की तकनीकी टीम हादसे के कारणों का पता लगाने में जुटी हुई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आग लगने की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।
दमकल और इमरजेंसी टीम ने संभाला मोर्चा
घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग, संयंत्र की इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम और स्थानीय प्रशासन मौके पर पहुंच गया। आग पर काबू पाने के लिए तुरंत अभियान शुरू किया गया। स्थानीय लोगों के मुताबिक आग की लपटें काफी दूर से दिखाई दे रही थीं, जिससे पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया। समय रहते बचाव अभियान शुरू होने से आग को बड़े क्षेत्र में फैलने से रोक लिया गया।
क्या है नैफ्था?
नैफ्था एक अत्यधिक ज्वलनशील हाइड्रोकार्बन है, जिसका उपयोग पेट्रोकेमिकल उद्योग और ईंधन उत्पादन में बड़े पैमाने पर किया जाता है। इसकी हैंडलिंग के दौरान बेहद कड़े सुरक्षा मानकों का पालन किया जाता है, क्योंकि मामूली चूक भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
हल्दिया रिफाइनरी का महत्व
हल्दिया रिफाइनरी की स्थापना जनवरी 1975 में हुई थी। इसका संचालन इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL) करता है। यह रिफाइनरी मुख्य रूप से पूर्वी भारत के राज्यों पश्चिम बंगाल, बिहार, ओडिशा और आसपास के क्षेत्रों को पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति करती है।
यहां मुख्य रूप से इन उत्पादों का उत्पादन होता है-
- एलपीजी (LPG)
- पेट्रोल
- डीजल
- एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF)
- नैफ्था
- केरोसिन
- बिटुमेन
- जूट बैचिंग ऑयल
पहले भी हो चुका है बड़ा हादसा
हल्दिया रिफाइनरी में इससे पहले दिसंबर 2021 में भी भीषण आग लगी थी। उस हादसे में 3 कर्मचारियों की मौत हुई थी, जबकि 44 लोग घायल हुए थे। ताजा घटना के बाद एक बार फिर रिफाइनरी की सुरक्षा व्यवस्था और औद्योगिक सुरक्षा मानकों पर सवाल उठने लगे हैं।











