
नई दिल्ली। जीएसटी काउंसिल की 48वीं बैठक में शनिवार को बैठक में कुछ अहम फैसले हुए। इसके तहत दालों के छिलके पर टैक्स 5 प्रतिशत से घटाकर शून्य करने का फैसला हुआ। इसके अलावा जीएसटी कानून के तहत कुछ अपराधों को अपराध की श्रेणी से बाहर करने का फैसला भी बैठक में लिया गया।
अभियोजन शुरू करने की राशि 2 करोड़ हुई
काउंसिल की बैठक में फर्जी रसीद जारी करने को छोड़कर इस कानून के तहत वैधानिक कार्रवाई शुरू करने के लिए आर्थिक सीमा को एक करोड़ रुपए से बढ़ाकर दो करोड़ रुपए करने का फैसला लिया गया है। बैठक में गुटखा और तंबाकू पर भी चर्चा होनी थी। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि समय कम होने की वजह से इनपर चर्चा नहीं हो सकी।
Union Finance Minister @nsitharaman chairs the 48th Meeting of the #GSTCouncil via virtual mode in New Delhi
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— PIB India (@PIB_India) December 17, 2022
15 मामलों में से 8 पर चर्चा
शनिवार को हुई बैठक के लिए कुछ 15 मामले रखे गए थे। इनमें से 8 पर ही चर्चा हो सकी। बैठक के बाद वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि सरकार जीएसटी आधार बढ़ाने का हर संभव प्रयास कर रही है। किसी भी वस्तु पर जीएसटी में वृद्धि नहीं की गई है। उन्होंने बताया कि दलहन छिल्का, चूनी, चुरी और खांड पर जीएसटी को 5 प्रतिशत से घटाकर 0 कर दिया गया है। इसी तरह से पेट्रोल में मिलाने के लिए रिफाइनरी को आपूर्ति किए जाने वाले ईथाइल एल्कोहल पर भी जीएसटी को 18 प्रतिशत से कम कर 5 प्रतिशत कर दिया गया है। जीएसटी कानून की धारा 132 के तहत कुछ अपराधों को अपराध की श्रेणी से बाहर करने का निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही जीएसटी कानून के तहत वैधानिक कार्रवाई शुरू किए जाने के लिए आर्थिक संलिपप्ता की सीमा को एक करोड़ रुपए से बढ़ाकर दो करोड़ रुपए करने का फैसला लिया गया है। हालांकि, इसमें फर्जी रसीद जारी करने का अपराध शामिल नहीं है।