गर्मियों की शुरुआत होते ही तापमान तेजी से बढ़ने लगता है। तेज धूप, लू और उमस भरा मौसम शरीर के लिए मुश्किल पैदा कर देते हैं। ऐसे में सबसे ज्यादा असर हमारे शरीर के पानी के संतुलन पर पड़ता है। दिनभर पसीना निकलने से शरीर से पानी और जरूरी मिनरल्स धीरे-धीरे कम होने लगते हैं। अगर इस कमी को समय पर पूरा न किया जाए, तो डिहाइड्रेशन की समस्या पैदा हो जाती है।
आजकल बदलती लाइफस्टाइल, बाहर का खानपान और काम की भागदौड़ के कारण लोग अक्सर पर्याप्त पानी नहीं पी पाते। कई बार लोग प्यास लगने का इंतजार करते हैं, जबकि तब तक शरीर पहले ही पानी की कमी का संकेत दे चुका होता है। यही वजह है कि गर्मियों में डिहाइड्रेशन एक आम लेकिन गंभीर समस्या बनती जा रही है, जो बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी को प्रभावित कर सकती है। इसलिए जरूरी है कि हम इस समस्या को हल्के में न लें और समय रहते इसके कारण, लक्षण और बचाव के तरीकों को समझें।
डिहाइड्रेशन वह स्थिति है जब शरीर में पानी की मात्रा सामान्य से कम हो जाती है। इसके साथ ही शरीर से जरूरी इलेक्ट्रोलाइट्स जैसे सोडियम और पोटैशियम भी कम हो जाते हैं, जिससे शरीर के सामान्य कामकाज पर असर पड़ता है।
गर्मियों में डिहाइड्रेशन बढ़ने का मुख्य कारण शरीर से अत्यधिक पसीना निकलना है, जिससे पानी तेजी से कम होता है। इसके अलावा पर्याप्त पानी न पीना, लंबे समय तक धूप में रहना और जंक फूड या कैफीन का अधिक सेवन भी इस समस्या को बढ़ाते हैं। खासतौर पर बच्चों और बुजुर्गों में यह समस्या जल्दी देखने को मिलती है, क्योंकि उनका शरीर पानी की कमी को जल्दी महसूस करता है।
डिहाइड्रेशन होने पर शरीर कई संकेत देता है, जिन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। बार-बार प्यास लगना, मुंह और होंठ सूखना, थकान और कमजोरी महसूस होना इसके सामान्य लक्षण हैं। इसके साथ ही चक्कर आना, सिरदर्द और पेशाब का रंग गहरा पीला होना भी शरीर में पानी की कमी की ओर इशारा करता है।
डिहाइड्रेशन से बचने के लिए सबसे जरूरी है कि दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पिया जाए। घर से बाहर निकलते समय पानी की बोतल साथ रखना एक अच्छी आदत है। इसके अलावा नारियल पानी, नींबू पानी और छाछ जैसे प्राकृतिक पेय पदार्थ शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद करते हैं। कोशिश करें कि दोपहर की तेज धूप में बाहर न निकलें और हल्के, ढीले व सूती कपड़े पहनें ताकि शरीर को ठंडक मिल सके।
गर्मियों में खानपान का खास ध्यान रखना जरूरी होता है। पानी से भरपूर फल जैसे तरबूज, खरबूजा और खीरा शरीर को ठंडक देते हैं और हाइड्रेशन बनाए रखते हैं। दही, छाछ और हल्का भोजन पाचन के लिए भी बेहतर होता है। वहीं, ज्यादा तला - भुना और मसालेदार खाना, अधिक मीठे और गैस वाले पेय, तथा ज्यादा चाय-कॉफी का सेवन करने से बचना चाहिए, क्योंकि ये शरीर में पानी की कमी को बढ़ा सकते हैं।
अगर डिहाइड्रेशन को समय पर नियंत्रित नहीं किया जाए, तो यह गंभीर रूप ले सकता है। कमजोरी, तेज चक्कर, उल्टी या बेहोशी जैसे लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी होता है। ऐसी स्थिति में लापरवाही करना स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो सकता है। तेज गर्मी में डिहाइड्रेशन से बचाव करना बहुत जरूरी है। थोड़ी सी जागरूकता और सही आदतें अपनाकर हम इस समस्या से आसानी से बच सकते हैं। याद रखें, गर्मियों में स्वस्थ रहने का सबसे आसान मंत्र है - शरीर को हमेशा हाइड्रेट रखना।