
गुना। शहर में धोखाधड़ी का एक बड़ा मामला सामने आया है। एजे ग्रुप ऑफ कंपनीज के संचालक अजय राव और नीलेश जोशी ने 30 से 35 करोड़ रुपए की ठगी कर सैकड़ों निवेशकों को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचाया। दोनों ने निवेशकों को हर महीने 20-30% रिटर्न देने का लालच देकर मोटी रकम जमा करवाई और अब फरार हो गए।
कैसे हुआ घोटाला?
लूशन के बगीचे में स्थित एजे ग्रुप ऑफ कंपनीज का ऑफिस दो साल से संचालित हो रहा था। अजय और नीलेश ने खुद को निवेश विशेषज्ञ बताकर शेयर बाजार और वित्तीय योजनाओं के नाम पर लोगों का विश्वास जीता। शुरू में इन्होंने छोटी रकम पर मुनाफा देकर निवेशकों को भरोसे में लिया। नवंबर में दोनों ने नई योजना शुरू करने का वादा किया, जिसमें बड़े रिटर्न का लालच देकर लाखों रुपये जमा करवाए। किसी ने 10 लाख, किसी ने 20 लाख तो कुछ ने 80 लाख रुपये तक का निवेश कर दिया।
ऐसे सामने आया घोटाला
गुरुवार को जब कुछ निवेशक अपने रिटर्न की जानकारी लेने ऑफिस पहुंचे, तो वहां ताला लटका मिला। अजय और नीलेश के फोन भी बंद मिले। रविवार को करीब 20 पीड़ित कैंट थाने पहुंचे और शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
निवेशकों की जीवनभर की कमाई लूटी
सैकड़ों निवेशकों को ठगी का शिकार बनाया गया। कई लोगों ने अपनी बचत और संपत्ति बेचकर इस योजना में पैसा लगाया। एक निवेशक ने कहा, “यह योजना मेरे भविष्य को सुरक्षित करने का सपना थी, लेकिन उन्होंने मेरी जीवनभर की कमाई लूट ली।”
आरोपियों की तलाश जारी
पुलिस ने प्राथमिक जांच में खुलासा किया है कि यह एक सुनियोजित घोटाला था। दोनों संचालक पहले से ही इस ठगी के लिए योजना बना रहे थे। पुलिस ने उनके ठिकानों पर छापेमारी शुरू कर दी है। गुना में इस घटना से हड़कंप मच गया है। निवेशकों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या उनका पैसा वापस मिलेगा। फिलहाल, आरोपियों की तलाश जारी है।