यूरोप ने वैश्विक भुगतान दिग्गज कंपनियों Visa और Mastercard पर अपनी निर्भरता कम करने की दिशा में ठोस कदम उठाया है। करीब 24 ट्रिलियन डॉलर के वार्षिक लेनदेन पर कंट्रोल रखने वाली इन अमेरिकी कंपनियों के ऑप्शन के रूप में अब यूरोप अपना स्वतंत्र और स्वदेशी भुगतान नेटवर्क विकसित कर रहा है।
इस महत्वाकांक्षी पहल का नेतृत्व European Payments Initiative (EPI) कर रहा है, जिसमें यूरोप के कई प्रमुख बैंक और वित्तीय संस्थान शामिल हैं। इस पहल का उद्देश्य एक ऐसा भुगतान ढांचा तैयार करना है, जो यूरोप के भीतर सुरक्षित, तेज और कम लागत वाला डिजिटल ट्रांजैक्शन इकोसिस्टम प्रदान कर सके।
इसी पहल के तहत “Wero” नामक नई डिजिटल भुगतान प्रणाली शुरू की गई है। यह सिस्टम SEPA इंस्टेंट ट्रांसफर पर आधारित है, जिससे उपयोगकर्ता मोबाइल नंबर के जरिए सीधे बैंक-टू-बैंक भुगतान कर सकते हैं। यानी कार्ड नेटवर्क पर निर्भर हुए बिना तुरंत लेनदेन संभव होगा।
जर्मनी, फ्रांस और बेल्जियम जैसे देशों में Wero को तेजी से अपनाया जा रहा है और इसके साथ लाखों यूजर्स जुड़ चुके हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम यूरोप की वित्तीय संप्रभुता को मजबूत करने और भुगतान क्षेत्र में रणनीतिक आत्मनिर्भरता हासिल करने की दिशा में बड़ा बदलाव साबित हो सकता है।
Visa और Mastercard पर निर्भरता कम करने की रणनीति के तहत यूरोप ने एक और अहम कदम उठाया है। हाल ही में European Payments Initiative (EPI) ने EuroPA Alliance के साथ समझौता किया है। इस समझौते के बाद 13 यूरोपीय देशों के लगभग 13 करोड़ उपयोगकर्ता एक साझा डिजिटल भुगतान नेटवर्क से जुड़ सकेंगे।
यह साझेदारी यूरोप को एकीकृत और सीमा-पार (cross-border) डिजिटल भुगतान ढांचे की दिशा में बड़ी बढ़त देती है। इसका उद्देश्य यूरोपीय उपभोक्ताओं और व्यापारियों को एक ऐसा सिस्टम उपलब्ध कराना है, जो महाद्वीप के भीतर ही संचालित हो और बाहरी कार्ड नेटवर्क पर निर्भरता घटाए।
यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ECB) की अध्यक्ष क्रिस्टीन लागार्ड लगातार “पेमेंट सॉवरेनिटी” यानी भुगतान क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की जरूरत पर बल दे रही हैं। ECB का मानना है कि यदि डिजिटल भुगतान का बुनियादी ढांचा विदेशी कंपनियों के नियंत्रण में रहेगा, तो यह लंबे समय में यूरोप की आर्थिक संप्रभुता और रणनीतिक स्वतंत्रता के लिए चुनौती बन सकता है।
लागार्ड ने कई मौकों पर कहा है कि यूरोप को अपने डिजिटल भुगतान सिस्टम पर अधिक नियंत्रण स्थापित करना चाहिए, ताकि वित्तीय डेटा, लेनदेन सुरक्षा और नीति निर्माण में बाहरी निर्भरता कम हो सके।