लाड़ली बहनाओं के लिए खुशखबरी :आ गई पैसे मिलने की तारीख, खंडवा से मुख्यमंत्री सिंगल क्लिक से ट्रांसफर करेंगे राशि

मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की राशि मिलने की तारीख आ गई है। इस महीने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव खंडवा जिले के पंधाना से 14 फरवरी को योजना की राशि ट्रांसफर करेंगे। प्रदेश की 1.26 लाड़ली बहनाओं को इस योजना का लाभ मिल रहा है।
आ गई पैसे मिलने की तारीख, खंडवा से मुख्यमंत्री सिंगल क्लिक से ट्रांसफर करेंगे राशि
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार की बहुचर्चित लाड़ली बहना योजना की 33वीं किस्त का इंतजार अब खत्म होने वाला है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आगामी 14 फरवरी को लाभार्थी महिलाओं के खातों में 1500 रुपए की राशि ट्रांसफर करेंगे। हर महीने दी जाने वाली यह आर्थिक सहायता लाखों महिलाओं के लिए बड़ी राहत साबित होती है। हालांकि इस बार कुछ महिलाओं को निराशा का सामना भी करना पड़ सकता है, क्योंकि तकनीकी और दस्तावेजी खामियों के चलते कुछ खातों में राशि नहीं पहुंच पाएगी।

    समग्र आईडी डिलीट तो नहीं मिलेगी राशि

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 14 फरवरी को खंडवा जिले के दौरे पर रहेंगे और पंधाना से सिंगल क्लिक के जरिए योजना की 33वीं किस्त जारी करेंगे। यह प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल होगी। लेकिन जिन महिलाओं के दस्तावेज अधूरे हैं, जिनका बैंक खाता आधार से लिंक नहीं है या जिनकी समग्र आईडी डिलीट हो चुकी है, उनके खातों में यह राशि ट्रांसफर नहीं की जाएगी। ऐसे में पात्र हितग्राहियों को समय रहते अपनी जानकारी अपडेट कराने की सलाह दी गई है।

    नए पंजीयन पर अभी भी सस्पेंस  

    महिलाओं के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि नए रजिस्ट्रेशन कब शुरू होंगे। वर्ष 2023 से नए आवेदन स्वीकार नहीं किए जा रहे हैं और फिलहाल इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। विभागीय सूत्रों का कहना है कि नए पंजीयन की प्रक्रिया अभी शुरू नहीं हो रही है। इससे उन महिलाओं को इंतजार करना पड़ रहा है, जो योजना का लाभ लेने की इच्छुक हैं।

    इन श्रेणियों की महिलाएं मानी जाएंगी अपात्र 

    योजना के नियमों के अनुसार, जिन परिवारों की स्वघोषित वार्षिक आय 2.5 लाख रुपए से अधिक है, वे पात्र नहीं हैं। इसके अलावा यदि परिवार का कोई सदस्य आयकरदाता है, तो भी योजना का लाभ नहीं मिलेगा। साथ ही, यदि परिवार का कोई सदस्य केंद्र या राज्य सरकार के विभाग, उपक्रम, मंडल या स्थानीय निकाय में नियमित, स्थायी या संविदाकर्मी के रूप में कार्यरत है अथवा पेंशन प्राप्त कर रहा है, तो संबंधित महिला इस योजना के लिए अपात्र मानी जाएगी। 

    Naresh Bhagoria
    By Naresh Bhagoria

    नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...

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