नए साल में ड्रिंक करके गाड़ी चलाई तो कटेगा 10 हजार रुपए का चालान, बॉडी वॉर्न कैमरे रखेंगे नजर

नए साल पर शराब पीकर वाहन चलाना भारी पड़ सकता है। यातायात पुलिस ने ड्रिंक एंड ड्राइव केस के लिए तगड़ी तैयारी की है। यातायात पुलिस टीम ने ली ब्रीथ एनालाइजर की ट्रेनिंग ली है। इसके साथ ही बॉडी वॉर्न कैमरों से नजर रखी जाएगी।
नए साल में ड्रिंक करके गाड़ी चलाई तो कटेगा 10 हजार रुपए का चालान, बॉडी वॉर्न कैमरे रखेंगे नजर
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    ग्वालियर। नए साल के आगमन से पहले पुलिस ने यातायात नियमों के अन्तर्गत आने वाले ड्रिंक एंड ड्राइव उल्लंघन पर प्राथमिकता से कार्रवाई की प्लानिंग कर ली है। ऐसे में यदि कोई वाहन चालक शराब पीकर सफर करता पाया जाता है, तो उसके खिलाफ चालानी कार्रवाई की जाएगी। जिसमें कम से कम 10 हजार रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा। इसके लिए ट्रैफिक पुलिस स्टाफ को ब्रीथ एनालाइजर उपयोग की ट्रेनिंग दी गई है जो कि बॉडी वॉर्न कैमरे की नजर में पूरी कार्रवाई को अंजाम देंगे। 

    जीरो टॉलरेंस का विशेष अभियान

    एसएसपी धर्मवीर सिंह के निर्देश पर नववर्ष के अवसर पर ड्रिंक एंड ड्राइव के विरूद्ध जीरो टॉलरेंस का विशेष अभियान शुरू किया है। इसके लिए 35 पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारियों की विशेष टीम गठित कर उन्हें ब्रीथ एनालाइजर संबंधी प्रशिक्षण दिया गया है। जिसके बाद अब ट्रैफिक पुलिस की 35 सदस्यीय टीम शनिवार से ही शहर के प्रमुख चौराहों, हाईवे एवं भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में सघन चेकिंग अभियान शुरू करेगी। इसके तहत शराब पीकर वाहन चलाने, ओवरस्पीडिंग एवं बिना हेलमेट के वाहन चालकों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

    शांतिपूर्ण हो नववर्ष का स्वागत

    पुलिस की इस प्लानिंग के पीछे उद्देश्य है कि नागरिक सुरक्षित एवं शांतिपूर्ण तरीके से नववर्ष का स्वागत कर सकें। ऐसे में हुड़दंगियों और शराब पीकर उपद्रव करने वालों पर विशेष नजर रखी जाएगी। वहीं ड्रिंक के साथ ड्राइव करते पाए जाने पर कम से कम 10 हजार रुपए का चालान भी बनेगा। यह पूरी कार्रवाई बॉडी वॉर्न कैमरे की निगरानी में होगी। जिससे कोई उंगली ना उठा सके।

    ट्रैफिक स्टाफ को दी ट्रेनिंग

    नववर्ष के जश्न के दौरान लापरवाही से वाहन चलाने के मामलों में वृद्धि को देखते हुए इस वर्ष ड्रिंक एंड ड्राइव के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई है। ट्रैफिक स्टाफ को हाई-टेक उपकरणों की ट्रेनिंग देकर कार्रवाई के लिए निर्देशित किया गया है।

    धर्मवीर सिंह, एसएसपी

    Naresh Bhagoria
    By Naresh Bhagoria

    नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...

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