ताजा खबरभोपालमध्य प्रदेशराष्ट्रीय

नक्सलवाद पर एक्शन : बैठक में शामिल हुए CM डॉ. मोहन यादव, अमित शाह ने कहा- 2026 तक नक्सलवाद खत्म करने का लक्ष्य

नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक बार फिर नक्सलवाद के समूल खात्मे के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया है। उन्होंने कहा कि सरकार 2026 तक नक्सलवाद को पूरी तरह समाप्त करने के लिए कटिबद्ध है और इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति दी जाएगी।

शाह ने सोमवार को नई दिल्ली में वामपंथी उग्रवाद पर आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, तेलंगाना के मुख्यमंत्री, बिहार के उपमुख्यमंत्री और आंध्र प्रदेश की गृह मंत्री सहित अन्य उच्च अधिकारी शामिल हुए।

बैठक में शामिल हुए सीएम डॉ. मोहन यादव

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव नई दिल्ली में वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित राज्यों के मुख्यमंत्रियों की समीक्षा बैठक में शामिल हुए। बैठक में प्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन और पुलिस महानिदेशक सुधीर सक्सेना भी उपस्थित थे। समीक्षा बैठक में वामपंथी उग्रवाद के वर्तमान परिद्दश्य तथा वामपंथी उग्रवाद प्रभावित राज्यों की सुरक्षा और विकास से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई।

विकसित भारत में आदिवासी भाइयों-बहनों की भूमिका

गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि सरकार नक्सलवाद से प्रभावित सभी राज्य के साथ मिलकर 2026 तक नक्सलवाद को पूरी तरह समाप्त करने के प्रति कटिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने के उद्देश्य में देश के 8 करोड़ आदिवासी भाइयों और बहनों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने बताया कि वामपंथी उग्रवाद इन क्षेत्रों में विकास के मार्ग में सबसे बड़ी बाधा है, क्योंकि नक्सलवाद गांवों में शिक्षा, स्वास्थ्य, बैंकिंग, कनेक्टिविटी और अन्य महत्वपूर्ण सेवाओं की पहुंच को प्रभावित करता है। गृह मंत्री ने कहा, विकास को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए हमें नक्सलवाद को समूल नष्ट करना होगा।

सरकार ने तय किए थे दो नियम

शाह ने कहा कि वामपंथी उग्रवाद से लड़ने के लिए सरकार ने दो नियम तय किए थे। पहला, नक्सलवाद-प्रभावित क्षेत्रों में कानून का राज स्थापित करना और गैरकानूनी हिंसक गतिविधियों को पूर्णतया बंद करना। दूसरा, लंबे नक्सली आंदोलन के कारण जो क्षेत्र विकास से महरूम रहे, वहां उस क्षति को तेज़ी से भरना।

नक्सलवाद की घटनाओं में लगातार गिरावट

गृह मंत्री ने 2019 से 2024 के बीच नक्सलवाद के खिलाफ मिली सफलता को साझा करते हुए बताया कि इस दौरान वामपंथी उग्रवाद की घटनाओं में कमी आई है। विशेष रूप से वर्ष 2022 में वामपंथी उग्रवाद की घटनाओं में मृत्यु की संख्या 100 से कम रही, जो एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। उन्होंने कहा कि 2014 से 2024 के बीच नक्सलवाद की घटनाओं में लगातार गिरावट आई है और 14 शीर्ष नक्सली नेताओं का सफाया किया गया है। इसके साथ ही, सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का प्रभाव भी बढ़ा है।

छत्तीसगढ़ में 85 प्रतिशत नक्सल कैडर समाप्त

शाह ने छत्तीसगढ़ का उदाहरण देते हुए कहा कि यहां 85 प्रतिशत नक्सल कैडर स्ट्रेंथ को समाप्त कर दिया गया है और अब नक्सलवाद पर एक अंतिम प्रहार करने की आवश्यकता है। उन्होंने छत्तीसगढ़ सरकार के नक्सल प्रभावित जिलों में विकास के लिए किए गए प्रयासों की सराहना की, जिनमें स्कूल, सस्ता अनाज, सस्ती दवाइयां, पब्लिक हेल्थ सेंटर जैसी सुविधाएं शामिल हैं।

नक्सलवाद के खिलाफ अंतिम कदम

अमित शाह ने कहा कि नक्सलवाद के समूल खात्मे के लिए एक अंतिम कदम उठाने की जरूरत है, ताकि यह समस्या हमेशा के लिए खत्म हो सके। उन्होंने सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों से महीने में एक बार और पुलिस महानिदेशकों से कम से कम 15 दिन में एक बार नक्सलविरोधी अभियानों का रिव्यू करने का निर्देश दिया।

संबंधित खबरें...

Back to top button