नई दिल्ली। दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी नेता मनीष सिसोदिया से आज CBI शराब नीति मामले में पूछताछ करेगी। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आशंका जताई है कि सिसोदिया को गिरफ्तार किया जा सकता है। सीबीआई की पूछताछ से पहले मनीष सिसोदिया राजघाट जाएंगे। वहीं एक बार फिर आम आदमी पार्टी का शक्ति प्रदर्शन देखने को मिलेगा।
जेल में भी रहना पड़े तो परवाह नहीं: मनीष सिसोदिया
मनीष सिसोदिया ने ट्वीट कर कहा, "आज फिर CBI दफ्तर जा रहा हूं, जांच में पूरा सहयोग करूंगा। लाखों बच्चो का प्यार और करोड़ों देशवासियो का आशीर्वाद साथ है। कुछ महीने जेल में भी रहना पड़े तो परवाह नहीं। भगत सिंह के अनुयायी हैं, देश के लिए भगत सिंह फांसी पर चढ़ गए थे। ऐसे झूठे आरोपों की वजह से जेल जाना तो छोटी सी चीज़ है।"
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शराब लाइसेंस के लिए ली रिश्वत
CBI की चार्जशीट में गिरफ्तार व्यवसायी विजय नायर और अभिषेक बोइनपल्ली समेत 7 आरोपियों के नाम हैं। आरोप है कि शराब व्यापारियों को लाइसेंस देने की दिल्ली सरकार की पॉलिसी से कुछ डीलरों को फायदा मिला। यह फायदा उन्हें ही मिला जिन्होंने इसके लिए रिश्वत दी थी। उधर, शराब लाइसेंस के लिए रिश्वत देने वाले आरोपों का आम आदमी पार्टी (AAP) ने खंडन किया है। उसका कहना है कि शराब लाइसेंस के लिए किसी से पैसा नहीं लिया गया।
कई अनियमितताएं मिलीं : CBI
इस मामले में सीबीआई के प्रवक्ता का कहना है कि जांच के दौरान आबकारी नीति में संशोधन, लाइसेंसधारियों को अनुचित लाभ देना, लाइसेंस शुल्क में छूट/कमी, अनुमोदन के बिना एल-1 लाइसेंस का विस्तार जैसी कई अनियमितताएं की गई हैं। यह भी आरोप है कि इन तरह की रिश्वत से मिले अवैध लाभ को निजी पक्षों ने अपने बहीखातों में गलत तरीके से दर्ज किया और शराब नीति से जुड़े अफसरों को फायदा पहुंचाया।
एलजी की सिफारिश पर हुआ था केस दर्ज
दरअसल, एलजी विनय कुमार सक्सेना की सिफारिश पर दिल्ली में शराब नीति में कथित घोटाले को लेकर सीबीआई ने केस दर्ज किया था। जिसके बाद में ईडी ने भी जांच शुरू की थी। इस मामले में जांच एजेंसियों ने आम आदमी पार्टी के नेता और दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को मुख्य आरोपी बनाया था। इसके बाद से सीबीआई और ईडी लगातार छापेमारी कर सबूत इकट्ठा करने का प्रयास कर रही है।
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