भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को फंदा में भोपाल-इंदौर मार्ग पर बनने वाले विक्रमादित्य द्वार का भूमिपूजन किया। इस अवसर उन्होंने कहा कि राजा विक्रमादित्य के शौर्य, न्यायप्रियता और सांस्कृतिक चेतना को प्रतीकात्मक रूप से दर्शाने वाला सम्राट विक्रमादित्य प्रवेश द्वार न केवल ऐतिहासिक पहचान को सुदृढ़ करेगा, बल्कि क्षेत्र के सौंदर्यीकरण और नगरीय विकास को भी नई दिशा देगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि जल गंगा संवर्धन अभियान के माध्यम से भोपाल में बड़ा तालाब को गहरा करने का काम किया जाएगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा, भोपाल-इंदौर हाईवे पर विक्रमादित्य द्वार ठीक उज्जैन के विक्रमादित्य द्वार जैसा ही बनेगा। उन्होंने कहा कि सरकार के दो वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर सम्राट विक्रमादित्य को समर्पित भव्य द्वार के निर्माण के लिए भूमिपूजन कर आज का दिन अमर हो गया है।

सम्राट विक्रामादित्य द्वार तीन पिलरों पर आधारित होगा। यह भारतीय कला व स्थापत्य का भव्य उदाहरण बनेगा। यह 24.4 फीट ऊंचा और 30 मीटर चौड़ा यह गेट 5 मीटर के ग्रीन सेंट्रल वर्ज के साथ तैयार किया जाएगा। मध्य पिलर के शीर्ष पर सम्राट विक्रमादित्य की सिंहासन पर विराजमान प्रतिमा स्थापित की जाएगी। डॉ. यादव ने भोपाल के सभी प्रमुख प्रवेश मार्गों पर महापुरुषों के नाम से हेरिटेज गेट बनाए जाने की घोषणा की है।

मुख्यमंत्री ने फंदा गांव का नाम बदलकर ‘हरिहर नगर’ करने की घोषणा की। साथ ही पास के तुमड़ा गांव के स्कूल के विकास के लिए 5 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की। उन्होंने कहा कि फंदा में पहले से स्वीकृत कॉलेज के लिए नए भवन का निर्माण कार्य भी जल्द शुरू किया जाएगा, जिससे क्षेत्र के विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं मिल सकेंगी। गौरतलब है कि दो साल पहले डॉ. मोहन यादव ने मुख्यमंत्री पद की शपथ लेते हुए विकसित मप्र का संकल्प लिया था। डॉ. यादव ने उन्हें बधाई देने वालों का आभार व्यक्त किया है।