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पश्चिम एशिया तनाव के बीच भारत को बड़ी राहत,20 हजार टन एलपीजी लेकर कांडला पोर्ट पहुंचा टैंकर ‘सिमी’

पश्चिम एशिया में तनाव के बीच भारत के लिए राहत की खबर आई है। 20 हजार टन एलपीजी लेकर टैंकर 'सिमी' गुजरात के कांडला पोर्ट पहुंच गया है। इसका असर देश में रसोई गैस की सप्लाई और कीमतों पर पड़ सकता है। जानिए क्यों इस खबर को भारत के लिए बड़ा राहत भरा कदम माना जा रहा है।
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20 हजार टन एलपीजी लेकर कांडला पोर्ट पहुंचा टैंकर ‘सिमी’
गुजराज के पोर्ट पर आया टेंकर symi

नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में लगातार बढ़ रहे तनाव और समुद्री रास्तों पर मंडरा रहे खतरे के बीच भारत के लिए राहत देने वाली खबर सामने आई है। मार्शल आइलैंड्स के झंडे वाला विशाल एलपीजी टैंकर 'सिमी' सुरक्षित रूप से गुजरात के कच्छ स्थित कांडला पोर्ट पहुंच गया है। इस जहाज में करीब 20 हजार टन लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस यानी एलपीजी लदी हुई है, जिसे अब पाइपलाइन के जरिए उतारा जा रहा है। ऐसे समय में जब पश्चिम एशिया के हालात दुनिया की ऊर्जा सप्लाई पर असर डाल रहे हैं, इस टैंकर का भारत पहुंचना बेहद अहम माना जा रहा है।

भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए राहतभरी खबर

अधिकारियों के अनुसार, टैंकर 'सिमी' ने 13 मई 2026 को दुनिया के सबसे संवेदनशील समुद्री मार्गों में शामिल स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को सुरक्षित पार किया था। इस समुद्री रास्ते से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल और गैस दुनिया के अलग-अलग देशों तक पहुंचती है। मौजूदा हालात को देखते हुए इस रूट पर हर गतिविधि पर पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है। ऐसे माहौल में भारत तक एलपीजी की बड़ी खेप का सुरक्षित पहुंचना देश की ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि इससे घरेलू बाजार में एलपीजी की उपलब्धता बनी रहेगी और कीमतों पर भी ज्यादा दबाव नहीं पड़ेगा। आम लोगों के लिए इसका सबसे बड़ा असर रसोई गैस की सप्लाई पर देखने को मिल सकता है।

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कांडला पोर्ट पर शुरू हुई गैस उतारने की प्रक्रिया

गुजरात के कांडला पोर्ट पर टैंकर पहुंचने के बाद एलपीजी को पाइपलाइन के जरिए स्टोरेज टर्मिनल तक भेजा जा रहा है। बंदरगाह प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां पूरे ऑपरेशन पर नजर बनाए हुए हैं। अधिकारियों ने बताया कि जहाज पूरी तरह सुरक्षित हालत में पोर्ट तक पहुंचा और अब तय प्रक्रिया के तहत गैस को उतारा जा रहा है। ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े जानकारों का मानना है कि अगर पश्चिम एशिया में हालात और बिगड़ते हैं तो तेल और गैस की सप्लाई पर असर पड़ सकता है। ऐसे में भारत लगातार अपनी आपूर्ति श्रृंखला को सुरक्षित बनाए रखने पर जोर दे रहा है।

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स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बना दुनिया की चिंता का केंद्र

पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज एक बार फिर वैश्विक चर्चा का केंद्र बना हुआ है। यह समुद्री रास्ता दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद अहम माना जाता है। यहां किसी भी तरह का सैन्य तनाव या बाधा सीधे तेल और गैस की कीमतों को प्रभावित कर सकती है। हालांकि भारत ने अब तक अपने ऊर्जा आयात को लेकर संतुलित रणनीति अपनाई है। हाल ही में यह जानकारी भी सामने आई थी कि भारत के 15 जहाज सुरक्षित रूप से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पार करने में सफल रहे हैं। 

Sona Rajput
By Sona Rajput

माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन किया है। साल 2022 ...Read More

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