PlayBreaking News

Seoni Bridge:17 साल से पुल का इंतजार, नाला पार कर स्कूल और अस्पताल पहुंचने को मजबूर दमपुरी के लोग

सिवनी जिले के दमपुरी गांव में 17 साल पहले बहा पुल आज तक दोबारा नहीं बन पाया। पुल नहीं होने से गांव के एंबुलेंस नहीं पहुंच पाती और ग्रामीण कई बार आंदोलन करने के बाद भी सिर्फ वादे ही सुन रहे हैं।
Follow on Google News
17 साल से पुल का इंतजार, नाला पार कर स्कूल और अस्पताल पहुंचने को मजबूर दमपुरी के लोग
फाइल फोटो

सिवनी। मध्य प्रदेश के सिवनी जिले का दमपुरी गांव आज भी एक ऐसे पुल का इंतजार कर रहा है, जिसके बिना लोगों का हर दिन संघर्ष में गुजरता है। बरसात आते ही गांव का संपर्क आसपास के इलाकों से लगभग टूट जाता है। बच्चों की पढ़ाई, मरीजों का इलाज और रोजमर्रा के जरूरी काम सभी इस पुल पर निर्भर हैं। वर्ष 2010 में पुल बह जाने के बाद ग्रामीण लगातार प्रशासन से नए पुल की मांग कर रहे हैं। आवेदन, शिकायत और भूख हड़ताल जैसे प्रयासों के बावजूद अब तक निर्माण शुरू नहीं हो सका है। इससे गांव के लोगों में निराशा बढ़ती जा रही है।

पुल के बिना हर दिन बढ़ रही परेशानी

घंसौर ब्लॉक मुख्यालय से करीब 52 किलोमीटर दूर जंगलों के बीच बसे दमपुरी गांव में करीब 150 परिवार रहते हैं। गांव के लोगों का कहना है कि पुल नहीं होने से उनका जीवन हर दिन मुश्किल होता जा रहा है। गांव को जोड़ने वाला रास्ता नाले से होकर गुजरता है। गर्मियों में किसी तरह लोग निकल जाते हैं, लेकिन बारिश के समय यही रास्ता सबसे बड़ी समस्या बन जाता है। तेज पानी आने पर गांव का संपर्क कई घंटों तक टूट जाता है।

 

पहली बारिश में बह गया था नया पुल

ग्रामीणों के अनुसार वर्ष 2009 में सिंचाई विभाग ने लाखों रुपये खर्च कर यहां पुल बनवाया था। लोगों को उम्मीद थी कि अब वर्षों पुरानी परेशानी खत्म हो जाएगी। लेकिन अगले ही साल पहली तेज बारिश में पुल बह गया। इसके बाद से आज तक नया पुल नहीं बनाया गया। 17 साल बीत जाने के बाद भी ग्रामीण उसी पुराने और खतरनाक रास्ते से आने-जाने को मजबूर हैं।

ये भी पढ़ें: धूप ने दिनभर सताया, शाम को मेघ बरसे: झमाझम बारिश से शहर तर, कई इलाकों में जलभराव

पढ़ाई और  इलाज सबसे ज्यादा प्रभावित

गांव के एक तरफ आंगनबाड़ी केंद्र है, जबकि दूसरी तरफ प्राथमिक स्कूल स्थित है। ऐसे में छोटे छोटे बच्चों को भी रोज नाला पार करना पड़ता है। बरसात में पानी बढ़ने पर कई बार बच्चों की पढ़ाई रुक जाती है। स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति भी चिंताजनक है। एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच पाती। किसी मरीज की तबीयत बिगड़ जाए या गर्भवती महिला को अस्पताल ले जाना हो तो पहले लोगों को नाला पार कराना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि समय पर इलाज नहीं मिलने का डर हमेशा बना रहता है।

Twitter Post

हर स्तर पर लगाई गुहार

पुल निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीणों ने पिछले कई वर्षों में अधिकारियों से लेकर जिला प्रशासन तक कई बार आवेदन दिए। जनप्रतिनिधियों से भी मुलाकात की गई और भोपाल तक शिकायत पहुंचाई गई। जब कहीं से सुनवाई नहीं हुई तो गांव के लोगों ने भूख हड़ताल भी की। इसके बावजूद आज तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें हर बार सिर्फ भरोसा दिया जाता है लेकिन काम शुरू होने की तारीख कोई नहीं बताता।

अधिकारियों ने फिर जताई उम्मीद

जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी आकाश जैन ने बताया कि पुल निर्माण से जुड़ा प्रस्ताव संबंधित विभाग और जिला मुख्यालय को भेजा जा चुका है। उम्मीद है कि अगले वर्ष इस काम को मंजूरी मिल सकती है। वहीं अनुविभागीय अधिकारी बिशन सिंह का कहना है कि सिंचाई विभाग और पीआईयू के साथ लगातार संपर्क किया जा रहा है। उनका कहना है कि जरूरी प्रक्रिया पूरी कर जल्द निर्माण कार्य शुरू कराने का प्रयास किया जाएगा।

ये भी पढ़ें: वायरल गर्ल मोनालिसा केस में बड़ा फैसला! पति फरमान खान की अग्रिम जमानत याचिका खारिज

दमपुरी की कहानी कई गांवों की हकीकत

दमपुरी अकेला ऐसा गांव नहीं है जहां पुल की कमी से लोग परेशान हैं। सिवनी जिले के कई ग्रामीण इलाकों में पुराने और क्षतिग्रस्त पुल वर्षों से मरम्मत या नए निर्माण का इंतजार कर रहे हैं। इसका असर सीधे शिक्षा, स्वास्थ्य और ग्रामीणों की रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ रहा है। दमपुरी के लोगों की सबसे बड़ी मांग सिर्फ एक मजबूत पुल की है। उनका कहना है कि अगर यह पुल बन जाए तो बच्चों की पढ़ाई आसान होगी, मरीजों को समय पर इलाज मिलेगा और गांव का विकास भी तेज होगा। 17 साल बाद भी गांव के लोग उसी इंतजार में हैं कि उनका रास्ता कब सुरक्षित बनेगा।

Aditi Rawat
By Aditi Rawat

अदिति रावत | MCU, भोपाल से M.Sc.(न्यू मीडिया टेक्नॉलजी) | एंकर, न्यूज़ एक्ज़िक्यूटिव की जिम्मेदारिय...Read More

नई दिल्ली
--°
बारिश: -- mmह्यूमिडिटी: --%हवा: --
Source:AccuWeather
icon

Latest Posts