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ओडिशा में विधायक दल की बैठक आज, आंध्र प्रदेश में नायडू को आज चुना जाएगा विधायक दल का नेता

भुवनेश्वर। आंध्र प्रदेश और ओडिशा विधानसभा चुनाव संपन्न हो चुके हैं। आंध्रे प्रदेश में जहां तेलुगु देशम पार्टी ने जीत हासिल की है तो वहीं बीजद के गढ़ ओडिशा में भाजपा ने सबसे अधिक सीटें जीत कर नया कीर्तीमान रच दिया है। आंध्र में आज टीडीपी विधायक दल की बैठक होगी, जिसमें पार्टी प्रमुख चंद्रबाबू नायडू को दल का नेता चुना जाएगा। वहीं, ओडिशा में भी भाजपा विधायक दल की बैठक होगी। इसमें दल का नेता चुना जाएगा। ओडिशा में नई सरकार का शपथ ग्रहण 12 जून को होना है।

आंध्र : चंद्रबाबू को चुना जाएगा विधायक दल का नेता

आज 11 जून को तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) विधायक दल की बैठक है। जिसमें एन चंद्रबाबू नायडू को नेता चुना जाएगा। पार्टी प्रवक्ता ज्योत्सना तिरुनागरी ने मंगलवार को इसकी जानकारी दी।

नेता चुने जाने के बाद टीडीपी, भाजपा और जनसेना गठबंधन के नेता राज्यपाल एस अब्दुल नजीर से मिलेंगे और सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे। 12 जून को नायडू के साथ और भी नेता शपथ ले सकते हैं। जिनके नाम 11 जून को तय किए जा सकते हैं।

ओडिशा में बीजेपी की विधायक दल की बैठक

ओडिशा में आज बीजेपी की विधायक दल की बैठक होगी। इस मीटिंग के ऑब्जर्वर राजनाथ सिंह और भूपेंद्र यादव होंगे। जिसमें विधायक दल का नेता चुना जाएगा और फिर ओडिशा बीजेपी प्रदेश नेतृत्व राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया जाएगा। 12 जून को ओडिशा में मुख्यमंत्री शपथग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत बीजेपी अलाकमान के नेता मौजूद रहेंगे। पार्टी ने ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक को शपथ ग्रहण समारोह के लिए आमंत्रित किया है।

सुबह 11 बजे आईटी पार्क मैदान केसरपल्ली में चंद्रबाबू नायडू आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे। इसके बाद शाम 4.45 पर ओडिशा के जनता मैदान भुवनेश्वर में शपथ ग्रहण समारोह होगा।

आंध्र प्रदेश और ओडिशा विधानसभा चुनाव परिणाम

आध्र प्रदेश में हुए विधानसभा चुनाव में टीडीपी ने 144 सीटों में से 135 सीटों पर जीत दर्ज की है। बीजेपी ने 10 में से 8 सीटें जीतीं। इसके अलावा, सत्तारूढ़ पार्टी वाईएसआरसीपी 11 सीटों पर सिमट गई।

ओडिशा में बीजेपी ने 147 सीटों वाली राज्य विधानसभा में 78 सीटों पर जीत हासिल की। इसके साथ ही उसने बीजू जनता दल को हराकर नवीन पटनायक के 24 साल के शासन को खत्म कर दिया। बीजेडी 51 सीटों पर सिमट गई, जबकि कांग्रेस पार्टी ने 14 सीटें जीतीं। नवीन पटनायक ने मार्च 2000 में मुख्यमंत्री का पद संभाला था। इसके बाद से उन्होंने सभी पांच विधानसभा चुनावों में जीत हासिल की और मुख्यमंत्री बने।

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