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बीजेपी नेत्री के बेटे पर फिर एफआईआर, युवती बोली– रेप केस वापस लेने का बना रहा दबाव,

बीजेपी नेत्री के बेटे पर फिर एफआईआर, युवती बोली– रेप केस वापस लेने का बना रहा दबाव,
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    इंदौर।
    खजराना क्षेत्र में रहने वाली एक 28 वर्षीय युवती ने बीजेपी नेत्री के बेटे के खिलाफ एक बार फिर गंभीर आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई है। युवती का कहना है कि आरोपी युवक उस पर पहले दर्ज दुष्कर्म के केस को वापस लेने का लगातार दबाव बना रहा है और धमकियां दे रहा है, जिससे वह मानसिक रूप से टूट चुकी है और घर से बाहर निकलने में भी डर महसूस कर रही है।

    बुधवार रात पीड़िता खजराना थाने पहुंची और अर्जुन पुत्र नारायण जोशी, निवासी बंगाली कॉलोनी, के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। युवती ने पुलिस को बताया कि सितंबर 2025 में उसने अर्जुन के खिलाफ रेप का मामला दर्ज कराया था। इसके बाद से आरोपी लगातार उसे प्रताड़ित कर रहा है और समझौते के लिए दबाव बना रहा है। पीड़िता के मुताबिक आरोपी की हरकतों के कारण उसका सामान्य जीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है और वह खुद को असुरक्षित महसूस कर रही है।

    दो दिन पहले भी दर्ज हुई थी शिकायत

    पीड़िता ने बताया कि दो दिन पहले उसने इसी आरोपी के खिलाफ एमजी रोड थाने में भी शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप है कि अर्जुन उसका पीछा करते हुए कोर्ट परिसर तक पहुंच गया था, जहां उसने उसकी मर्जी के बिना मोबाइल से फोटो खींचे और उन्हें व्हाट्सएप पर वायरल कर दिया। यही नहीं, ये फोटो युवती के चचेरे भाई को भी भेजे गए, जिससे उसे सामाजिक और मानसिक रूप से और अधिक प्रताड़ना झेलनी पड़ी।

    हालांकि, इस मामले में एमजी रोड पुलिस ने एफआईआर तो दर्ज की, लेकिन आरोपी की गिरफ्तारी नहीं की गई। युवती का आरोप है कि गिरफ्तारी न होने से आरोपी के हौसले और बढ़ गए और उसने फिर से उस पर समझौते के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया, साथ ही धमकियां भी दी जाने लगीं।

    पुलिस कार्रवाई पर सवाल

    अब खजराना पुलिस ने ताजा शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, पीड़िता का कहना है कि जब तक आरोपी पर सख्त कार्रवाई नहीं होती, तब तक उसे अपनी सुरक्षा को लेकर लगातार डर बना रहेगा।

    इस पूरे मामले ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या राजनीतिक रसूख के चलते आरोपी को संरक्षण मिल रहा है, और क्या पीड़िता को समय पर न्याय मिल पाएगा। शहर में यह मामला अब चर्चा का विषय बन गया है और लोग पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठा रहे हैं।

    Hemant Nagle
    By Hemant Nagle

    हेमंत नागले | पिछले बीस वर्षों से अधिक समय से सक्रिय पत्रकारिता में हैं। वर्ष 2004 में मास्टर ऑफ जर्...

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