चीन में एक बार फिर कोरोना वायरस ने अपना विकराल रूप धारण कर लिया है। महामारी विशेषज्ञ और स्वास्थ्य अर्थशास्त्री एरिक फीगल-डिंग (Eric Feigl-Ding) ने बताया कि चीन में अस्पताल व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। महामारी विशेषज्ञ का अनुमान है कि अगले 90 दिनों में चीन के 60 प्रतिशत से अधिक और पृथ्वी की 10 प्रतिशत आबादी के संक्रमित होने की संभावना है। इसके साथ ही करीब 10 लाखों लोगों की मौत की आशंका है।
तीन महीने-तीन लहरें…
चीन के शीर्ष स्वास्थ्य अधिकारी वू जुन्यो ने कहा- इस सर्दी में चीन कोविड-19 की तीन संभावित लहरों में से पहली लहर का सामना कर रहा है। महामारी विशेषज्ञ ने कहा- उनका मानना है कि संक्रमण दर में मौजूदा इजाफा जनवरी के मध्य तक चलेगा। जबकि, दूसरी लहर जनवरी के अंत तक तेज हो जाने की संभावना है। जुन्यो ने आगे कहा कि कोरोना वायरस के केसों में तीसरा उछाल फरवरी के अंत से मार्च के मध्य तक चलेगा, क्योंकि लोग छुट्टी बिताने के बाद काम पर लौटेंगे।
श्मशानों में नहीं बची जगह
महामारी एक्सपर्ट के मुताबिक, बीजिंग में अंतिम संस्कार नॉनस्टॉप हैं। मुर्दाघर ओवरलोडेड हैं। अंतिम संस्कार के लिए लंबी कतार लगी है। वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार, श्मशान में आने वाले कोरोना संक्रमित शवों की संख्या में अचानक वृद्धि हुई है। क्योंकि, चीन की राजधानी में वायरस तेजी से फैल रहा है। महामारी प्रतिबंधों में अचानक ढील देने के बाद इस तरह के हालत बने हैं।
क्यों बढ़ रहा है संक्रमण ?
स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि चीन के शहरों में कोरोना संक्रमण बढ़ने की वजह ओमिक्रॉन है। उनका कहना है कि ओमिक्रॉन के दो सब-वैरिएंट्स BA.5.2 और BF.7 तेजी से फैल रहे हैं। राजधानी बीजिंग BF.7 की चपेट में है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने BF.7 को सबसे तेजी से फैलने वाला वायरस बताया है। इस वैरिएंट की वजह से बीजिंग में स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा गई है। क्योंकि, हजारों लोग फीवर क्लीनिक के बाहर खड़े हैं, जिन्हें तुरंत इलाज की जरूरत है।
जीरो कोविड पॉलिसी में ढील से नुकसान!
चीन कोरोना वायरस के छोटे से प्रकोप के खिलाफ भी पिछले तीन सालों से अपने ‘जीरो कोविड’ दृष्टिकोण को लागू करता आया था। लेकिन लॉकडाउन, कोविड टेस्ट और क्वारंटाइन सिस्टम को खत्म करने के बाद मामलों को तेजी से इजाफा हुआ। कम टीकाकरण दर और अव्यवस्थित इमरजेंसी सेवाओं के चलते चीन की एक बड़ी आबादी वायरस की चपेट में है। जीरो कोविड पॉलिसी में ढील के कारण चीन की 1.4 अरब आबादी में से 10 लाख लोगों की मौत हो सकती है।
क्या दुनिया पर होगा इसका असर ?
दुनिया के ऊपर पड़ने वाली बिमारी को लेकर भी एरिक ने चेतावनी जारी की है। उन्होंने लिखा कि क्या हम तीन साल पहले का मिला सबक भूल चुके हैं ? 2022-2023 में भी कोरोना का पूरी दुनिया पर बहुत बुरा असर होने वाला है। उन्होंने कहा कि हालांकि यह दुनिया के ऊपर सीधे तौर पर तो असर नहीं डालेगा, लेकिन इसका प्रभाव किसी न किसी तरह से पड़ेगा ही। एरिक के मुताबिक चीन में आने वाली कोरोना की यह सुनामी दुनिया की अर्थव्यवस्था को तबाह कर देगी।
⚠️THERMONUCLEAR BAD—Hospitals completely overwhelmed in China ever since restrictions dropped. Epidemiologist estimate >60% of 🇨🇳 & 10% of Earth’s population likely infected over next 90 days. Deaths likely in the millions—plural. This is just the start—🧵pic.twitter.com/VAEvF0ALg9
— Eric Feigl-Ding (@DrEricDing) December 19, 2022
(रिपोर्ट- अंजली त्यागी)