मेक्सिको की एना विक्टोरिया ने रचा इतिहास, डाउन सिंड्रोम के साथ बनीं विश्व की पहली वकील
Publish Date: 9 Apr 2025, 11:20 AM (IST)Reading Time: 2 Minute Read
मेक्सिको की 25 साल की एना विक्टोरिया एस्पिनो डी सैंटियागो पूरी दुनिया के लिए मिसाल बन गई हैं। डाउन सिंड्रोम जैसी चुनौती के साथ जीते हुए उन्होंने वकालत की पढ़ाई पूरी की और इतिहास में अपना नाम दर्ज करा दिया। एना अब दुनिया की पहली ऐसी वकील बन गई हैं, जिन्होंने न केवल कानून की डिग्री हासिल की, बल्कि कला की दुनिया में भी अपनी पहचान बनाई है।
चुनौतियों का सामना कर हासिल किया ये मुकाम
एना ने भेदभाव से बचने के लिए अपना हाई स्कूल ऑनलाइन पूरा किया और बाद में यूनिवर्सिडाड ऑटोनोमा डी जाकाटेकास से बैचलर की डिग्री प्राप्त की। इस सफर में उन्हें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। लेकिन उन्हे एक प्रोफेसर का काफी सहयोग मिला, जिनके मार्गदर्शन से वे आगे बढ़ सकी।
दिव्यांगों के अधिकारों के लिए उठाई आवाज
कानूनी पढ़ाई के साथ-साथ एना सामाजिक मुद्दों में भी सक्रिय रही। उन्होंने कई मंचों पर जाकर दिव्यांगों के अधिकारों की वकालत की और अपनी कहानी लोगों के सामने रखी। इससे उन्होंने न सिर्फ कानून को अच्छे से समझा बल्कि इससे उनके लिए इस क्षेत्र में नए रास्ते भी खुल गए।
कला के क्षेत्र में भी काफी सक्रिय
इसके अलावा, एना कला की दुनिया में भी काफी सक्रिय हैं। 2014 से उन्होंने कई पेंटिंग एक्सहिबिशन आयोजित की है। इसके साथ उनकी कला को मेक्सिको सिटी की कांग्रेस ऑफ द यूनियन की लॉबी जैसी जगहों पर भी प्रदर्शित किया गया है।
इस तरह अब एना दिव्यांग छात्रों के लिए प्रेरणा बन गई है। अब वह अपनी वकालत के जरिए भेदभाव और असमानता के खिलाफ आवाज उठाने की योजना बना रही हैं। इसके साथ उन्हें विदेशों से भी नौकरी के प्रस्ताव मिल रहे हैं जो उनकी काबिलियत को वैश्विक स्तर पर पहचान दिला रही हैं।
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