
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में सोमवार को भूकंप के झटके महसूस किए गए। भूकंप की तीव्रता 4.4 मापी गई है। बताया जा रहा है कि भूकंप दोपहर 3 बजकर 2 मिनट पर आया। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के मुताबिक, भूकंप का केंद्र पोर्ट ब्लेयर से 256 किमी दक्षिण पूर्व में स्थित था। हालांकि, भूकंप में हुए नुकसान के बारे में अभी कोई जानकारी नहीं मिली है।
डोडा जिले में भी आया भूकंप
जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में भी सोमवार को भूकंप के झटके महसूस किए गए। यहां भूकंप की तीव्रता 3.2 मापी गई है। अधिकारियों ने बताया कि भूकंप केंद्र शासित प्रदेश के डोडा इलाके में दोपहर 12 बजकर 12 मिनट पर आया। उन्होंने कहा कि इसका उपरिकेंद्र 33.12 डिग्री उत्तर अक्षांश (Latitude) और 75.55 डिग्री पूर्व देशांतर (Longitude) 5 किमी की गहराई पर था। अधिकारियों ने बताया कि भूकंप से किसी तरह के जानमाल के नुकसान की कोई खबर नहीं है।
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आखिर क्यों आता है भूकंप ?
भूकंप आने के पीछे की वजह पृथ्वी के अंदर मौजूद प्लेटों का आपस में टकराना है। हमारी पृथ्वी के अंदर सात प्लेट्स हैं, जो लगातार घूमती हैं। जब ये आपस में टकराती हैं, तब फॉल्ट लाइन जोन बन जाता है। जिसकी वजह से सतह के कोने मुड़ जाते हैं और वहां दबाव बनने लगता है। ऐसी स्थिति में प्लेट के टूटने के बाद ऊर्जा पैदा होती है, जो बाहर निकलने के लिए रास्ता ढूंढती है। जिसकी वजह से धरती हिलने लगती है।
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कैसे मापते हैं भूकंप की तीव्रता
रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता मापी जाती है। भूकंप को 1 से 9 तक के आधार पर मापा जाता है। भूकंप को इसके केंद्र (एपीसेंटर) से मापा जाता है। भूकंप को लेकर चार अलग-अलग जोन में बांटा गया है। मैक्रो सेस्मिक जोनिंग मैपिंग के अनुसार इसमें जोन-5 से जोन-2 तक शामिल है। जोन 5 को सबसे ज्यादा संवेदनशील माना गया है और इसी तरह जोन 2 को सबसे कम संवेदनशील माना जाता है।
किस तीव्रता का भूकंप कितना खतरनाक है
- 0 से 1.9 तीव्रता का भूकंप काफी कमजोर होता है। सीज्मोग्राफ से ही इसका पता चलता है।
- वहीं 2 से 2.9 तीव्रता का भूकंप रिक्टर स्केल पर हल्का कंपन करता है।
- 3 से 3.9 तीव्रता का भूकंप आने पर ऐसा लगता है, जैसे कोई ट्रक आपके पास से गुजर गया हो।
- 4 से 4.9 तीव्रता का भूकंप आने पर खिड़कियां टूट सकती हैं। इसके साथ ही दीवारों पर टंगे फ्रेम गिर सकते हैं।
- 5 से 5.9 तीव्रता का भूकंप आने पर घर का फर्नीचर हिल सकता है।
- 6 से 6.9 तीव्रता का भूकंप आने पर इमारतों की नींव दरक सकती है।
- 7 से 7.9 तीव्रता का भूकंप खतरनाक होता है। इससे बिल्डिंग गिर जाती हैं और जमीन में पाइप फट जाती है।
- 8 से 8.9 तीव्रता का भूकंप काफी खतरनाक होता है। जापान, चीन समेत कई देशों में 8.8 से 8.9 तीव्रता वाले भूकंप ने खूब तबाही मचाई थी।
- 9 और उससे ज्यादा तीव्रता का भूकंप आने पर पूरी तबाही होती है। इमारतें गिर जाती है। पेड़ पौधे, समुद्रों के नजदीक सुनामी आ जाती है।
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