भोपाल में आज बीजेपी और कांग्रेस के कार्यकर्ता आमने सामने होंगे। ‘घुटना तोड़ने’ से शुरू हुई राजनीति अब रामधुन पर पहुंच गई है। विधायक रामेश्वर शर्मा का दफ्तर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के स्वागत के लिए तैयार है। दिग्विजय सिंह कांग्रेस नेताओं के साथ मिंटो हॉल स्थित गांधी प्रतिमा से हुजूर सीट से विधायक और प्रोटेम स्पीकर रामेश्वर शर्मा के घर रामधुन करने सुबह 11 बजे जाएंगे।
भगवा रंग से सजा युवा सदन
रामेश्वर शर्मा ने अपने निवास युवा सदन को भगवा रंग से सजाया है। दिग्विजय सिंह के स्वागत के लिए तैयार द्वार पर रामधुन और जय श्री राम के नारे के साथ ही भगवान राम का चित्र है। यहां झंडे, टेंट और स्वागत द्वार बनाया गया है। रामधुन करने वाले रामभक्तों के लिए प्रसाद में हलवा, पूड़ी और सब्जी के प्रसाद का भी इंतजाम किया गया है।
मैं कॉंग्रेसी हूँ जिसमें ताक़त हो तो मेरे घुटने तोड़ दे।
मैं गांधीवादी हूँ।
हिंसा का जवाब अहिंसा से दूँगा।24 नवंबर को मैं महात्मा गॉंधी की मूर्ति से रामेश्वर शर्मा के घर जाउंगा। उनके घर जा कर प्रभु से उन्हें सदबुद्धि देने के लिए एक घंटे तक रामधुन करूँगा। #कांग्रेस https://t.co/YCmyIXcdIo
— digvijaya singh (@digvijaya_28) November 20, 2021
ये है पूरा मामला
दरअसल, पिछले दिनों रामेश्वर शर्मा का एक वीडियो वायरल हुआ था। उसमें हुजूर विधानसभा के कटखेड़ा गांव में वह कह रहे थे कि अगर आपके घर कोई कांग्रेसी नेता आए तो उसके घुटने तोड़ देना। इसके जवाब में 20 नवंबर को दिग्विजय सिंह ने सोशल मीडिया पर कहा- “मैं कांग्रेसी हूं, जिसमें ताकत हो मेरे घुटने तोड़ दे। मैं गांधीवादी हूं। हिंसा का जवाब अहिंसा से दूंगा। 24 नवंबर को मैं महात्मा गांधी की मूर्ति से रामेश्वर शर्मा के घर जाउंगा। उनके घर जाकर प्रभु से उन्हें सद्बुद्धि देने के लिए एक घंटे तक रामधुन करूंगा।”
हे भाजपाईयों
हे संघियों
हमारे साथ बैठ कर रामधुन गाओ।रघुपति राघव राजा राम
पतित पावन सीताराम
ईश्वर अल्लाह तेरो नाम
सब को सम्मति दे भगवानऔर भारतीय संविधान का पालन कर सभी धर्मों का सम्मान करो। #गांधी_की_आवाज_सुनो
— digvijaya singh (@digvijaya_28) November 24, 2021
रामचरित मानस करूंगा भेट
रामेश्वर शर्मा से जब इस मुद्दे पर बात की गई तो उन्होंने कहा कि हमारे घर पर रामधुन की पूरी तैयारी है। भगवान राम के नाम की जय जयकार हो और रामधुन हो इससे बड़ा आनंद और खुशी का पल हमारी जिंदगी के लिए नहीं हो सकता। जिंदगीभर जो भगवान राम का विरोध करते रहे, भगवान राम के मंदिर का विरोध करते रहे। जो बाबरी मस्जिद ढांचा टूटने पर छाती पीट-पीटकर रोते रहे, आज अगर वह रामभक्ति के लिए रामधुन करने आ रहे हैं। इससे बड़ा आनंद और खुशी का पल नहीं हो सकता। उनका स्वागत है अभिनंदन है। हम उन्हें नाश्ता कराएंगे और रामचरित मानस भेंट करेंगे।
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