US Presidential Election 2024 : अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव की वोटिंग शुरू, वोटर्स के हाथ में डोनाल्ड ट्रंप और कमला हैरिस की किस्मत

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US Presidential Election 2024 : अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव की वोटिंग शुरू, वोटर्स के हाथ में डोनाल्ड ट्रंप और कमला हैरिस की किस्मत
वॉशिंगटन। अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव के लिए वोटिंग शुरू हो गई है। देश आज अपने 47वें राष्ट्रपति को चुनने के लिए वोट दे रहा है। राष्ट्रपति पद के लिए रिपब्लिकन पार्टी के डोनाल्ड ट्रम्प और डेमोक्रेटिक पार्टी की तरफ से भारतवंशी कमला हैरिस मैदान में हैं। साथ ही दूसरी तरफ काउंटिंग भी शुरू हो गई है। कल नतीजे आने की भी उम्मीद है।

अमेरिका में मतदान शुरू

अमेरिका में पूर्वी तट पर मतदान शुरू हो चुका है। वर्मोंट में सबसे पहले मतदान शुरू हुआ है। फिर न्यूयॉर्क और इंडियाना सहित कई राज्यों में मतदान शुरू हो गया। कनेक्टिकट, इंडियाना, केंटकी, मेन, न्यू जर्सी, न्यूयॉर्क और वर्जीनिया के मतदाता अब अपने मतपत्र डाल सकते हैं। भारतीय समय के मुताबिक, शाम साढ़े 5 बजे वोटिंग शुरू हुई, जो कल 6 नवंबर की सुबह साढ़े 10 बजे तक चलेगी।

राष्ट्रपति चुनाव का पहला नतीजा

अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव में वोटों की गिनती शुरू हो गई है। दरअसल, न्यू हैम्पशायर के डिक्सविल नॉच में डेमोक्रेटिक और रिपब्लिकन दोनों प्रमुख उम्मीदवारों को बराबर-बराबर वोट्स मिले हैं। कमला और ट्रंप को 3-3 वोट मिल चुके हैं। बता दें कि डिक्सविल नॉच में रात को वोटिंग शुरू हुई थी। यहां पर सिर्फ 6 वोट डाले गए। वोटिंग शुरू होने के 12 मिनट बाद ही चुनाव परिणाम आ गए। दिलचस्प बात ये है कि इनमें से 4 वोटर्स रिपब्लिकन पार्टी के रजिस्टर्ड वोटर्स हैं।

एलन मस्क ने की ट्रंप को जिताने की अपील

एलन मस्क ने कहा, "मैं इस चुनाव को भाग्य की राह में एक मोड़ के रूप में देखता हूं। मैं इस चुनाव में राजनीतिक रूप से सक्रिय रहा हूं,अगर हम ट्रम्प को नहीं चुनते हैं तो ये अमेरिका का आखिरी चुनाव होगा। मस्क ने कहा कि अगर हम ट्रम्प को नहीं चुनेंगे तो देश में लोकतांत्रिक सिस्टम और दो पार्टी प्रणाली खत्म हो जाएगी और सिर्फ एक ही डेमोक्रेटिक पार्टी बचेगी।

कमला हैरिस के पैतृक गांव में पूजा

तमिलनाडु के थुलसेंद्रपुरम में भारतवंशी कमला हैरिस के पैतृक गांव में अमेरिका से आए उनके समर्थक और स्थानीय लोग उनकी जीत के लिए प्रार्थना कर रहे हैं।

उतार-चढ़ाव भरा रहा चुनावी सफर

  • अपने चुनाव प्रचार अभियान के अंतिम दिनों में उपराष्ट्रपति हैरिस ने आशा, एकता, आशावाद और महिला अधिकारों के संदेश पर ध्यान केंद्रित किया, जबकि ट्रंप डेमोक्रेटिक पार्टी की अपनी प्रतिद्वंद्वी पर निशाना साधने में उग्र रहे और उन्होंने यहां तक ​​​​कहा कि हार की स्थिति में वह चुनाव परिणाम को स्वीकार नहीं कर सकते हैं। कुल मिलाकर हैरिस (60) और ट्रंप (78) दोनों के लिए यह उतार-चढ़ाव भरा चुनावी सफर रहा है।
  • ट्रंप को मार्च में अपनी पार्टी की ओर से राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनने के लिए नामांकन मिला और जुलाई में रिपब्लिकन नेशनल कन्वेंशन (आरएनसी) में औपचारिक रूप से उन्हें नामांकन प्राप्त हुआ। कई अदालती मामलों के कारण महीनों तक राजनीतिक निष्क्रयता के बाद यह उनकी ऐतिहासिक वापसी थी। इस तरह, वह किसी गंभीर अपराध में दोषी ठहराए जाने के बाद विश्व के किसी भी देश में शीर्ष पद के लिए नामांकन पाने वाले पहले पूर्व राष्ट्रपति बन गए।
  • संचार रणनीतिकार अनंग मित्तल ने कहा, ‘‘ट्रंप ने पिछले चार वर्षों में राजनीतिक संघर्ष के संदर्भ में रिचर्ड निक्सन (अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति) के बाद सबसे बड़ी राजनीतिक वापसी की है।” रिपब्लिकन पार्टी के राष्ट्रीय सम्मेलन (आरएनसी) से कुछ ही दिन पहले पेंसिल्वेनिया में एक रैली के दौरान ट्रंप को निशाना बनाकर गोली चलाई गई। गोली उनके कान के ऊपरी हिस्से में लगी। कुछ ही मिनटों बाद, खून से लथपथ ट्रंप ने विरोध में अपनी मुट्ठी उठाई। इन तस्वीरों से उनके कट्टर समर्थकों के बीच उन्हें काफी भावनात्मक समर्थन मिला।
  • हैरिस के लिए भी यह एक नाटकीय सफर रहा। जुलाई में राष्ट्रपति जो बाइडन ने अपनी राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी छोड़ दी। कुछ ही सप्ताह पहले ट्रंप के साथ टेलीविजन पर बहस के दौरान अपने निराशाजनक प्रदर्शन के कारण वह सवालों के दायरे में आ गए थे। बाइडन (81) ने चुनावी दौड़ से बाहर होने पर डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर से उम्मीदवार के रूप में हैरिस को अपना उत्तराधिकारी बनाने का समर्थन किया।
  • आखिरकार अगस्त में डेमोक्रेटिक नेशनल कन्वेंशन ने औपचारिक रूप से हैरिस को राष्ट्रपति चुनाव के लिए पार्टी के उम्मीदवार के रूप में नामित किया। उन्होंने कन्वेंशन में अपने प्रभावशाली भाषण में कहा कि राष्ट्रपति चुनाव अतीत की कड़वाहट, निराशावाद और विभाजनकारी लड़ाइयों से आगे बढ़ने का एक अवसर होगा।

हैरिस या ट्रंप?

अगर कमला हैरिस यह चुनाव जीत जाती हैं, तो वह अमेरिका की राष्ट्रपति बनने वाली पहली महिला, पहली अश्वेत महिला और दक्षिण एशियाई मूल की पहली व्यक्ति बन जाएंगी। पूरे चुनाव प्रचार अभियान में हैरिस ने इस चुनाव को देश की मौलिक स्वतंत्रता की रक्षा, संवैधानिक मूल्यों की रक्षा और महिलाओं के अधिकारों को सुनिश्चित करने वाले चुनाव के रूप में पेश किया। वहीं, ट्रंप ने अपनी विशिष्ट आक्रामक बयानबाजी को जारी रखा और अर्थव्यवस्था के पुनर्निर्माण और अमेरिका को अवैध अप्रवासियों से मुक्त करने का वादा किया है।

कैसे होगी वोटों की गिनती और कब आएंगे नतीजे?

अमेरिकी समय के अनुसार 5 नवंबर को शाम 7 बजे (भारतीय समय के अनुसार 6 नवंबर को सुबह 4:30 बजे) तक मतदान पूरा हो जाएगा। इसके बाद वोटों की गिनती शुरू होगी। आमतौर पर नतीजे वोटिंग के 1 दिन बाद आते हैं।
Mithilesh Yadav
By Mithilesh Yadav

वर्तमान में पीपुल्स समाचार के डिजिटल विंग यानी 'पीपुल्स अपडेट' में बतौर सीनियर सब-एडिटर कार्यरत हूं।...Read More

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