नए साल पर महाकाल जाना है?पहले जान लीजिए ये नियम, वरना लौटना पड़ेगा घर

नए साल पर महाकाल मंदिर में दर्शन के नियम पूरी तरह बदल दिए गए हैं। मोबाइल लाना पूरी तरह बैन है, शीघ्र दर्शन सुविधा 31 दिसंबर और 1 जनवरी को अस्थायी बंद रहेगी। मंदिर प्रशासन ने भारी भीड़ को देखते हुए पूरी व्यवस्था अलर्ट मोड में रखी है।
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AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    अंग्रेजी नववर्ष 2026 की शुरुआत के साथ ही भगवान श्री महाकालेश्वर के दर्शन के लिए उज्जैन में भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है। इसे देखते हुए श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंधन ने कमर कस ली है। सामान्य दर्शन से लेकर भस्म आरती, पार्किंग, सुरक्षा, पेयजल और प्रसाद तक हर मोर्चे पर माइक्रो-लेवल प्लानिंग की जा रही है, ताकि श्रद्धालुओं को तनाव-फ्री दर्शन मिल सके।

    एक तय रास्ता, नो कन्फ्यूजन

    मंदिर प्रबंधन के अनुसार इस बार दर्शन पूरी तरह व्यवस्थित रूट से कराए जाएंगे। श्रद्धालु चारधाम मंदिर पार्किंग से प्रवेश करेंगे। यहां से शक्ति पथ, त्रिवेणी संग्रहालय, नंदी द्वार और श्री महाकाल महालोक होते हुए मानसरोवर भवन पहुंचेंगे। इसके बाद फैसिलिटी सेंटर-01 और नवीन टनल-01 से होते हुए गणेश मंडपम पहुंचकर बाबा महाकाल के दर्शन होंगे। दर्शन के बाद श्रद्धालुओं को आपातकालीन निकास द्वार से बड़ा गणेश मंदिर, हरसिद्धि मंदिर तिराहा होते हुए फिर से चारधाम पार्किंग तक लाया जाएगा।

    मोबाइल पर बैन

    मंदिर समिति अध्यक्ष एवं कलेक्टर रोशन कुमार सिंह ने साफ कहा है कि श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए मंदिर परिसर में मोबाइल फोन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे। उन्होंने अपील की है कि श्रद्धालु मोबाइल साथ न लाएं, ताकि दर्शन के दौरान किसी तरह की रुकावट या अव्यवस्था न हो।

    31 दिसंबर और 1 जनवरी को शीघ्र दर्शन बंद

    भीड़ को बैलेंस करने के लिए मंदिर समिति ने बड़ा फैसला लिया है। 31 दिसंबर और 1 जनवरी को 250 रुपये वाली शीघ्र दर्शन सुविधा अस्थायी रूप से बंद रहेगी। समिति का मानना है कि इससे भीड़ का दबाव कम होगा और सभी श्रद्धालुओं को बराबरी का मौका मिलेगा।

    भस्म आरती बुकिंग बंद

    नववर्ष के चलते भस्म आरती व्यवस्था में भी बदलाव किया गया है। 25 दिसंबर से 5 जनवरी तक भस्म आरती की ऑनलाइन बुकिंग बंद रहेगी। हालांकि चलित भस्म आरती दर्शन की सुविधा चालू रहेगी। श्रद्धालु प्रातः 4:15 बजे से कार्तिकेय मंडपम से चलित भस्म आरती के दर्शन कर सकेंगे। खास बात यह है कि 31 दिसंबर को ऑफलाइन भस्म आरती पंजीकरण भी बंद रहेगा।

    भीड़ ज्यादा हुई तो प्लान-B तैयार

    अगर किसी दिन श्रद्धालुओं की संख्या तय अनुमान से ज्यादा हो जाती है, तो वैकल्पिक व्यवस्था लागू की जाएगी। ऐसी स्थिति में श्रद्धालुओं को फैसिलिटी सेंटर-01 से सीधे कार्तिकेय मंडपम में प्रवेश दिया जाएगा और द्वार क्रमांक-10 या निर्माल्य द्वार से बाहर निकाला जाएगा।

    12 लाख श्रद्धालुओं का अनुमान

    मंदिर समिति के अनुमान के मुताबिक नए साल के दौरान करीब 12 लाख श्रद्धालु महाकाल के दर्शन के लिए उज्जैन पहुंच सकते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा, पार्किंग और ट्रैफिक मैनेजमेंट को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए दर्शन मार्ग, जूता स्टैंड, पार्किंग, लड्डू प्रसाद काउंटर, प्राथमिक उपचार केंद्र और पेयजल स्थलों पर फ्लेक्स होर्डिंग लगाए जाएंगे, ताकि किसी को भटकना न पड़े।

    Garima Vishwakarma
    By Garima Vishwakarma

    गरिमा विश्वकर्मा | People’s Institute of Media Studies से B.Sc. Electronic Media की डिग्री | पत्रकार...Read More

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