
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन आज दो दिन के दौरे पर भारत पहुंच गए हैं। वह गुजरात के अहमदाबाद स्थित साबरमती आश्रम पहुंचे। जहां उन्होंने बापू के चित्र पर माल्यार्पण किया। उसके बाद चरखा चलाकर सूत काता। इस दौरान उनके साथ गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल भी मौजूद रहे।
गुजरात: यूके के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने अहमदाबाद के साबरमती आश्रम में चरखा चलाया। इस दौरान उनके साथ मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल मौजूद रहे। सोर्स : ANI #BorisJohnsonInIndia @BorisJohnson #Gujratnews #PeoplesUpdate pic.twitter.com/tWilQopCYN
— Peoples Samachar (@psamachar1) April 21, 2022
विजिटर बुक में जॉनसन ने क्या लिखा?
साबरमती आश्रम की विजिटर बुक में बोरिस जॉनसन ने लिखा- “इस असाधारण व्यक्ति के आश्रम में आना एक बहुत बड़ा सौभाग्य है। यह समझने के लिए कि कैसे उन्होंने सच्चाई और अहिंसा के ऐसे सरल सिद्धांतों को बेहतर बनाने के लिए दुनिया को बदलने के लिए प्रेरित किया।”
मेडेलीन की आत्मकथा ‘द स्पिरिट्स पिलग्रिमेज’ उपहार में दी गई
महात्मा गांधी की शिष्या बनी मेडेलीन स्लेड उर्फ मीराबेन की आत्मकथा ‘द स्पिरिट्स पिलग्रिमेज’ यूके के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन को साबरमती आश्रम द्वारा उपहार में दी गई। मेडेलीन स्लेड उर्फ मीराबेन ब्रिटिश रियर-एडमिरल सर एडमंड स्लेड की बेटी थीं। ‘गाइड टू लंदन’ महात्मा गांधी द्वारा लिखी गई पहली कुछ पुस्तकों में से एक है जो कभी प्रकाशित नहीं हुई, साबरमती आश्रम द्वारा यूके के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन को ये पुस्तक भी उपहार में दी जाएगी।
जॉनसन के गुजरात आने की ये है वजह
ब्रिटिश प्रधानमंत्री पहली बार गुजरात का दौरा कर रहे हैं। ब्रिटिश पीएम गुजरात में जॉइंट ट्रेड के कई महत्वपूर्ण निवेश प्रस्तावों की घोषणा करेंगे। जॉनसन ने काफी सोच-समझकर भारत के पांचवें सबसे बड़े राज्य गुजरात को चुना है, क्योंकि यह ब्रिटेन में बड़ी संख्या में रहने वाले ब्रिटिश-भारतीय आबादी का पैतृक घर होने के कारण भावनात्मक रूप से जुड़ा हुआ है।
22 अप्रैल को पीएम मोदी से मुलाकात करेंगे जॉनसन
गुजरात में बैठक करने के बाद ब्रिटिश पीएम बोरिस जॉनसन शाम में दिल्ली के लिए निकल जाएंगे। जहां 22 अप्रैल को वे पीएम मोदी से मुलाकात करेंगे।
जॉनसन का यह दौरा बेहद खास
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री राज्य में एक विश्वविद्यालय और एक कारखाने का दौरा करेंगे। इसके अलावा वे व्यापारिक समूह के नेताओं के साथ मुलाकात करेंगे। भारत और ब्रिटेन दोनों ही फ्री ट्रेड एग्रीमेंट को लेकर सकारात्मक रुख दिखा रहे हैं। उम्मीद की जा रही है कि जॉनसन की इस विजिट से इस तरफ अहम प्रगति होगी। ब्रिटेन, भारत के साथ सालाना कारोबार को 2.89 लाख करोड़ तक ले जाने का इच्छुक है।