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वेलनेस एक्सपर्ट रुबीना खान शापू और मिसेज इंडिया चेतना जोशी ने दिए लेडीज को स्वस्थ शरीर के टिप्स, IAS ऑफिसर्स वाइव्स एसोसिएशन ने आयोजित किया सेमिनार

भोपाल। IAS ऑफिसर्स वाइव्स एसोसिएशन (IASOWA) ने रविवार को एक निजी होटल में महिलाओं के स्वास्थ्य और योग पर संगोष्ठी का आयोजन किया। इस दौरान योग के जरिए डायबिटीज जैसे रोग पर काबू पाने और बेहतर दिनचर्या से इसे नियंत्रित करने पर एक्सपर्ट्स ने अपनी रपाय रखी। मीडिया स्पेशलिस्ट और हेल्थ तथा वेलनेस एक्सपर्ट रूबीना खान शापू ने सेमीनार में बताया कि स्वस्थ शरीर के लिए मेटाबॉलिज्म अच्छा होना चाहिए। शरीर की कोशिकाओं में होने वाली रसायनिक प्रतिक्रियाएं जो फूड को एनर्जी में कन्वर्ट करती हैं, उन्हें मेटाबॉलिजम कहा जाता है। शापू ने बताया कि शरीर और मन से जुड़े हर एक काम के लिए इसी ऊर्जा की आवश्यकता होती है और शरीर के विशिष्ट प्रोटीन ही मेटाबॉलिज्म के केमिकल रिएक्शन्स को कंट्रोल करते हैं।

मिसेज इंडिया ने भी दिए टिप्स

भारत की मिसेज इंडिया श्रीमती चेतना जोशी तिवारी ने “योग के विभिन्न फायदे” और “योग को सही तरीके से कैसे करें” पर चर्चा करते हुए कहा कि योग का मतलब जोड़ना होता है। सिर्फ आसन करना या मेडिटेशन करना ही योग नहीं है क्योंकि यह शारीरिक व्यायाम, आसन, ध्यान, सांस लेने की तकनीकों का मेल है। मिसेज इंडिया ने कहा कि स्वस्थ शरीर का मतलब शारीरिक तौर पर अच्छा दिखना नहीं होता बल्कि जब हम शारीरिक, मानसिक, अध्यात्मिक और भावनात्मक तरीक से बैलेंस्ड रहते हैं, तब हम स्वस्थ कहलाते हैं। साइंस भी यही कहता है कि कि 90 प्रतिशत टॉक्सिन तो सांस के जरिए शरीर के बाहर जाते हैं।

उन्होंने कहा कि इसके लिए अपने जीवन के नियम अवश्य बनाएं और आपका शरीर जैसा है, उसे उसी रूप में अपनाएं। इसके साथ ही चेतना ने कहा कि सभी को अपनी लिमिट्स तय करनी चाहिएं। इस दौरान उन्होंने मौजूद सभी महिलाओं से मेडिटेशन करवाया और सवालों के जवाब भी दिए। इस कार्यक्रम के प्रारंभ में आईसोवा की प्रेसिडेंट डॉ. सिमरन बैंस ने रूबीना खान शापू और चेतना जोशी तिवारी का स्वागत पौधा भेंट कर किया। कार्यक्रम में सचिव सीमा सुलेमान, संयुक्त सचिव क्षिप्रा पोरवाल और मेधा लवानिया, कोषाध्यक्ष डॉ. मोना जैन समेत आईसोवा के अन्य सदस्य मौजूद रहे।

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