ताजा खबरभोपालमध्य प्रदेश

सीएम की नाराजगी के बाद सोम डिस्टलरी के खिलाफ हुआ एक्शन, बाल मजदूरी केस में फैक्ट्री का लाइसेंस सस्पेंड

भोपाल/ग्वालियर। मध्य प्रदेश सरकार के आबकारी विभाग ने बाल मजदूरों से काम कराने के मामले में शराब कंपनी सोम डिस्टलरी पर बड़ी कार्रवाई की है। आबकारी आयुक्त ने इस केस में कंपनी का लाइसेंस 20 दिनों के लिए सस्पेंड कर दिया है। कुछ दिन पहले इसी फैक्ट्री में 59 नाबालिग बच्चे शराब की पैकिंग करते हुए पाए गए थे। जिसके वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद सीएम डॉ. मोहन यादव ने भी नाराजगी जताई थी।

यह है पूरा मामला

15 जून को रायसेन जिले के सेहतगंज में शराब बनाने वाली कंपनी सोम डिस्टलरी में 59 नाबालिग बच्चे काम करते मिले थे। गैर सरकारी संस्था ‘बचपन बचाओ’ की शिकायत पर राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग की टीम ने छापा मारा था। आयोग ने छापे के बाद इन बच्चों का रेस्क्यू किया था। जांच के दौरान पाया गया था कि इन बाल श्रमिकों को स्कूल बस के जरिए फैक्ट्री लाया जाता था और कम मजदूरी देकर 15-15 घंटे तक काम भी कराया जाता था। कई बाल मजदूरों के हाथ यहां केमिकल के संपर्क में आने से गलने भी लगे थे। इसके बाद बाल आयोग ने जिले के कलेक्टर और एसपी को भी नोटिस जारी कर 48 घंटे में इस केस पर प्रतिवेदन मांगा था।


सीएम के निर्देश पर कार्रवाई

इस घटना के वीडियो वायरल होने के बाद इस मामले में सीएम डॉ. मोहन यादव ने सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे। सीएम के एक्शन मोड में आते ही इस फैक्ट्री में पदस्थ प्रभारी जिला आबकारी अधिकारी कन्हैयालाल अतुलकर को निलंबित किया गया था। इसके साथ ही जिले के तीन आबकारी उप निरीक्षक प्रीति शैलेंद्र उईके, शैफाली वर्मा और मुकेश कुमार को भी सस्पेंड किया गया था। कलेक्टर रायसेन ने भी शासन को भेजी अपनी रिपोर्ट में सोम डिस्टलरी को बाल श्रम कानूनों के उल्लंघन का प्रथम दृष्टया दोषी पाया है। इसके बाद आबकारी आयुक्त अभिजीत अग्रवाल द्वारा सोम डिस्टलरी का लाइसेंस 20 दिनों के लिए सस्पेंड किय़ा है।

संबंधित खबरें...

Back to top button