
दंतेवाड़ा। छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में बुधवार को नक्सली हमले में 10 पुलिसकर्मी शहीद हो गए। हमले में गाड़ी के ड्राइवर की भी मौत हो गई। बताया जा रहा है कि, सभी जवान डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड (DRG) यूनिट के थे। ये सभी बारिश में फंसे सुरक्षा बलों को रेस्क्यू करने जा रहे थे। उसी दौरान दंतेवाड़ा के अरनपुर में नक्सलियों ने IED ब्लास्ट में पुलिसकर्मियों का वाहन उड़ा दिया।
जानकारी के मुताबिक, माओवादी कैडर की मौजूदगी की सूचना पर दंतेवाड़ा से डीआरजी जवानों को रवाना किया गया था। इसके बाद सभी जवान वहां से लौट रहे थे। तभी नक्सलियों ने हमला कर दिया।
नक्सलियों को किसी कीमत पर छोड़ा नहीं जाएगा : CM बघेल
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि, इस प्रकार की जानकारी है और यह दुखद है। जो जवान शहीद हुए हैं उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं। यह लड़ाई अंतिम दौर में चल रही है और नक्सलियों को किसी कीमत पर छोड़ा नहीं जाएगा। हम योजनाबद्ध तरीके से नक्सलवाद को खत्म करेंगे।
दंतेवाड़ा के थाना अरनपुर क्षेत्र अंतर्गत माओवादी कैडर की उपस्थिति की सूचना पर नक्सल विरोधी अभियान के लिए पहुंचे डीआरजी बल पर आईईडी विस्फोट से हमारे 10 डीआरजी जवान एवं एक चालक के शहीद होने का समाचार बेहद दुखद है।
हम सब प्रदेशवासी उन्हें अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। उनके…
— Bhupesh Baghel (@bhupeshbaghel) April 26, 2023
डीआरजी जवान कौन होते हैं ?
डीआरजी यानी डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड छत्तीसगढ़ पुलिस के स्पेशल जवान हैं। इन्हें केवल नक्सलियों से लड़ने के लिये भर्ती किया गया है। इसमें सरेंडर करने वाले नक्सली और बस्तर के ही वातावरण में पले बढ़े लोग शामिल होते हैं। अब तक इन्हीं जवानों को नक्सलियों के खिलाफ सबसे बड़ी सफलता मिली है।