
इंदौर। हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने शुक्रवार को विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष और गंधवानी विधायक उमंग सिंघार सहित तीन विधायकों के खिलाफ दायर चुनाव याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए नोटिस जारी किए हैं। हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि आपके खिलाफ अनियमितताओं के आरोप हैं, क्यों न आपका चुनाव शून्य घोषित कर दिया जाए। कोर्ट ने सभी विधायकों को चार सप्ताह में जवाब देने के निर्देश दिए हैं। दो अन्य विधायकों में शाजापुर विधायक अरुण भीमावत और धार विधायक नीना वर्मा हैं।
गंधवानी विधायक उमंग सिंघार
उमंग सिंघार के मामले में याचिकाकर्ता भाजपा के सरदारसिंह मेढ़ा हैं। याचिकाकर्ता के एडवोकेट निमेश पाठक ने बताया कि नवंबर 2023 में हुए विधानसभा चुनाव में सिंघार ने मेढ़ा को 22 हजार 119 मतों से पराजित किया था। चुनाव जीतने के लिए सिंघार ने अनुचित संसाधनों का इस्तेमाल किया। हाईकोर्ट जस्टिस विजय कुमार शुक्ला ने सिंघार को नोटिस जारी कर दिया है।
शाजापुर विधायक भीमावत
कोर्ट ने शाजापुर से भाजपा विधायक अरुण भीमावत को भी नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब मांगा है। बीते विस चुनाव में भीमावत 28 मतों से चुनाव जीते थे। याचिका में कहा है कि मतगणना में 161 मत निरस्त करने में अनियमितता की गई है।
धार विधायक नीना वर्मा
धार भाजपा विधायक नीना वर्मा के खिलाफ दायर चुनाव याचिका में भी सुनवाई हुई। याचिका सामाजिक कार्यकर्ता सुरेशचंद्र भंडारी ने दायर की है। याचिका में कहा है कि वर्मा के वर्ष 2013 में हुए निर्वाचन को चुनौती देते हुए हाई कोर्ट में प्रस्तुत याचिका को स्वीकारते हुए उनका निर्वाचन निरस्त कर दिया था। कोर्ट ने वर्मा को आदेश दिया था कि वे याचिकाकर्ता को 10 हजार रुपये वकील फीस का भुगतान करें जो आज तक नहीं किया गया।