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मिलावट की जांच करने वाली प्रदेश की दूसरी लैब तीन साल से तैयार पर चालू नहीं

नोडल अधिकारी की सफाई टेस्टिंग चल रही है...

नरेंद्र सिंह-जबलपुर। मिलावटी खाद्य पदार्थों के सैंपल की जांच के लिए 3 साल पहले डुमना रोड पर अत्याधुनिक संसाधनों से लैस लैब बनाई गई थी। साढ़े तीन करोड़ से बनी इस लैब में हर साल ढाई हजार सैंपल तक जांचने की क्षमता है और इससे भोपाल पर निर्भरता खत्म होती पर लैब चालू ही नहीं हो पाई। प्रदेश में अभी केवल भोपाल में सरकारी खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला है। जहां प्रदेश भर से नमूने जांच के लिए भेजे जाते हैं।

लैब शुरू होने से महाकौशल और विंध्य को मिलता लाभ

इस प्रयोगशाला के प्रारंभ होने से शहर के साथ ही महाकौशल व विंध्य क्षेत्र को इसका फायदा मिलेगा। बाजार में बेहतर गुणवत्ता वाली खाद्य सामग्री की बिक्री सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।

3.5 करोड़ की लैब के शिलान्यास से अब तक

  • 2019 खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला के लिए हुआ था शिलान्यास
  • 2020 भवन का निर्माण कार्य शुरू
  • 2021 प्रयोगशाला भवन बनकर तैयार,उपकरण लगे
  • 3.5 एकड़ भूमि में स्थापित है लैब
  • 3.5 करोड़ रुपए है लागत
  • 02 तल हैं प्रयोगशाला में
  • 02 मुख्य लैब व 2 अन्य लैब हैं
  • 2500 नमूने प्रति वर्ष जांचने की क्षमता

अनुमति की जरूरत

खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला में टेस्टिंग चल रही है। भोपाल से फूड एंड सेफ्टी से अनुमति प्राप्त होते ही इसे प्रारंभ कर दिया जाएगा। -कैलाश कुमार सिलावट,नोडल अधिकारी टेस्टिंग लैब

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