मुंबई क्रूज ड्रग्स मामले में फंसे शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान की जमानत याचिका पर फैसला टाल दिया गया है। बॉम्बे हाई कोर्ट इस मामले में बुधवार को भी सुनवाई जारी रखेगा। मंगलवार शाम 4.20 पर शुरू हुई सुनवाई शाम 6 बजे तक चली। आर्यन का पक्ष पूर्व अटॉर्नी जनरल मुकुल रसतोगी ने रखा। वहीं एनसीबी की ओर से एडीशनल सॉलिसिटर जनरल अनिल सिंह शामिल हुए।
कुछ इस तरह हुई आर्यन खान की बेल पर सुनवाई
- मुकुल रोहतगी दोपहर 3.20 पर बॉम्बे हाईकोर्ट पहुंचे।
- एनसीबी की ओर से एडीशनल सॉलिसिटर जनरल अनिल सिंह शाम 4.05 पर पहुंचे कोर्ट।
- शाम 4.20 बजे आर्यन खान मामले में शुरू हुई सुनवाई।
- मुकुल रोहतगी ने दलील दी कि आर्यन वहां कोई ग्राहक बनकर नहीं गया था, वह स्पेशल गेस्ट था। उसे प्रदीप गाबा नाम के ईवेंट मैनेजर ने आमंत्रित किया था।
- रोहतगी ने आगे कहा, ऐसा लगता है कि एनसीबी को ड्रग्स की पहले से ही जानकारी थी, इसलिए अधिकारियों को वहां भेजा गया।
- आर्यन के वकील ने आगे कहा कि आर्यन से कुछ भी जब्त नहीं किया गया, उसके पास से कुछ नहीं मिला और उसका मेडिकल चेकअप भी नहीं हुआ, जिससे पता चले कि उसने ड्रग्स लिया था।
- रोहतगी ने आगे कहा, 6 ग्राम ड्रग्स अरबाज़ मर्चेन्ट के जूतों में छिपी लेकिन उसने इस बात से इंकार किया और कहा उसे फंसाया गया है। लेकिन मुझे इससे कोई सरोकार नहीं सिवाय इसके कि वह आर्यन का मित्र है।
- रोहतगी ने आगे दलील दी कि अरबाज़ मर्चेन्ट के पास से कुछ मात्रा में ड्रग्स मिला, इस आधार पर आर्यन को जेल में नहीं रखा जा सकता न ही उसपर साजिश का आरोप लगाया जा सकता है।
- सुनवाई के 40 मिनट बाद शाम 5 बजे रोहतगी ने कहा कि आर्यन का फोन भी जब्त नहीं किया गया। तब जस्टिस साम्ब्रे ने पूछा कि अगर आर्यन का फोन जब्त नहीं किया गया, तो वॉट्सपए चैट का आधार क्या है?
- आर्यन और अरबाज़ को लेकर रोहतगी ने कहा कि दोनों के बीच कोई मालिक और नौकर का रिश्ता भी नहीं है कि आर्यन अरबाज़ को कुछ लाने को कहता और वह ले आता।
- आर्यन का पक्ष रख रहे एक और वकील अमित देसाई ने कहा कि आर्यन और अचित के बीच हुए ट्रांजेक्शन ऑनलाइन पोकर गेम से जुड़े हुए हैं।
- शाम 5.50 पर रोहतगी ने कहा कि जब किसी प्रकार की जब्ती नहीं की गई है तो आर्यन किन सबूतों से छेड़छाड़ कर सकता है? उसकी उम्र देखते हुए उसे बेल दी जानी चाहिए।
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गुजरात दंगों में राज्य सरकार के वकील रहे रोहतगी
इससे पहले आर्यन की जमानत याचिका को मजिस्ट्रेट कोर्ट और एनडीपीसी की विशेष कोर्ट ने खारिज कर दिया था। सतीश मानशिंदे और अमित देसाई ने उनकी जमानत याचिका लगाई थी। दोनों याचिका रद्द होने के बाद देश के पूर्व अटॉर्नी जनरल और दिग्गज वकील मुकुल रोहतगी की एंट्री हुई। बता दें कि मुकुल रोहतगी 2002 के गुजरात दंगों से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट में राज्य सरकार के वकील रहे थे।
कोर्ट के बाहर भीड़ हटाई गई
बॉम्बे हाईकोर्ट में सुनवाई शुरू होने से पहले ही भारी भीड़ एकत्रित हो गई थी, जिसके बाद जस्टिस नितिन साम्ब्रे ने पुलिस को आदेश दिया कि कोर्ट परिसर खाली कराया जाए।
Justice Sambre sends police force in Court to ensure that people leave the Courtroom. #AryankhanDrugsCase #AryanKhan #BombayHighCourt
— Bar & Bench (@barandbench) October 26, 2021
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