
इंदौर। शहर के एक व्यापारी ने अपने कमर्चचारी को काम छोड़ने की कड़ी सजा दी। कर्मचारी को पहले अगवा किया और फिर इतना पीटा कि उसका शरीर पूरी तरह से काला पड़ गया। जब फरियादी थाने पहुंचा तो पुलिस भी देखकर दंग रह गई। ये मामला इंदौर के सबसे बड़े परचून बाजार में व्यापार करने वाले सियागंज के एक व्यापारी द्वारा उसके यहां काम करने वाले कर्मचारी से पिटाई का है।
गाड़ी खाली करवाने के लिए गोडाउन बुलाया
पीड़ित राजपाल यादव ने पुलिस को बताया गया कि वह भगीरथपुरा का रहने वाला है। वह सियागंज में वाहेगुरु ट्रेडर्स की दुकान पर हम्माली का काम करता है। उसने बताया कि मैं पहले सियागंज में ही सहज इन्टरप्राईजेस नाम की दुकान पर युवराज राजानी उर्फ बाबू सेठ के यहां काम करता था। मैंने पैसे कम मिलने की वजह से वहां से काम छोड़ दिया था। 12 दिसंबर की रात 9 बजे की बात है। मैं दुकान से अपने घर जा रहा था, तभी युवराज उर्फ बाबू सेठ के यहां पर काम करने वाला इंदल राजपूत उर्फ इंद्रपाल सिंह मेरे पास आया और बोला कि बाबू सेठ की टमाटर केचप की गाड़ी आ रही है। जिसे पालदा स्थित गोडाउन पर खाली करना है। मैंने पहले तो मना किया कि मुझे घर जाना है। इस पर इंदल राजपूत कहने लगा कि मजदूरी के पैसे भी मिल जाएंगे। पैसों की जरूरत होने से मैं इंदल राजपूत के साथ उसकी गाड़ी से पालदा स्थित युवराज उर्फ बाबू सेठ के गोडाउन पर चला गया। जहां पहले से ही गोडाउन में काम करने वाले लड़के सुमीत, देवेन्द और राहुल शराब पी रहे थे।
मार-मार कर किया बेहोश
गोडाउन में युवराज उर्फ बाबू सेठ भी आ गया। इसके बाद मैंने इंदल से पूछा- गाड़ी कितनी देर में आएगी, तो वहां खड़ा बाबू सेठ बोला कि गाड़ी 10 मिनट में आ रही है और गोदाम की शटर गिरा दी। इसके बाद मुझे डंडों से मारने लगे, उन्होंने करीब रात के 2 बजे तक मुझे मारा। इसके बाद मुझे वहीं गोडाउन में बंद कर दिया। जब मुझे होश में आया तो कोतवाली में आकर रिपोर्ट दर्ज करवाई।
वहीं, पुलिस का कहना है कि इस तरह की बर्बरता के बाद फरियादी ने सभी आरोपियों के खिलाफ अपहरण और पिटाई की धाराओं में मामला दर्ज कराया है। सभी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
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