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रतलाम : चेहरे पर घने बाल वाले ललित पाटीदार का गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में नाम दर्ज, ‘वेयरवोल्फ सिंड्रोम’ से हैं पीड़ित

रतलाम। मध्य प्रदेश के रतलाम जिले के नांदलेटा गांव के रहने वाले ललित पाटीदार ने एक अनोखा कीर्तिमान स्थापित किया है। जन्म से ही दुर्लभ वेयरवोल्फ सिंड्रोम से पीड़ित ललित को गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में जगह मिली है। यह सम्मान उन्हें चेहरे पर सबसे घने बालों (201.72/सेमी²) के लिए दिया गया है। यह उपलब्धि हासिल करने वाले वे दुनिया के पहले व्यक्ति बन गए हैं।

इटली में मिला सम्मान

ललित पाटीदार को यह अवार्ड इटली के मिलान शहर में आयोजित गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के कार्यक्रम में 13 फरवरी को प्रदान किया गया। अब वे अपने गांव लौट रहे हैं, जहां उनका भव्य स्वागत किया जाएगा। कभी जिन लोगों ने उनका मजाक उड़ाया था, वही अब उनके सम्मान में खड़े नजर आएंगे।

जन्म से ही दुर्लभ बीमारी से ग्रसित

19 वर्षीय ललित पाटीदार को जन्म से ही हाइपरट्रिकोसिस नामक दुर्लभ बीमारी है, जिसे आम भाषा में वेयरवोल्फ सिंड्रोम कहा जाता है। इस बीमारी के कारण उनके चेहरे और शरीर पर असामान्य रूप से घने बाल उगते हैं। मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया में इस बीमारी के केवल 50 ज्ञात मामले हैं। इस स्थिति का अब तक कोई स्थायी इलाज नहीं है।

बचपन में सहनी पड़ी मुश्किलें, चिढ़ाते थे बच्चे

ललित के लिए बचपन आसान नहीं था। स्कूल में बच्चे उन्हें भालू और बंदर कहकर चिढ़ाते थे, तो वहीं कुछ ग्रामीण उन्हें हनुमानजी का अवतार मानते थे। स्कूल में कुछ शरारती बच्चों ने तो उन पर पत्थर तक फेंके थे। यह सब ललित के लिए मानसिक और भावनात्मक रूप से बहुत कठिन समय था, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी।

सफल यूट्यूबर बनने का सपना

समय के साथ ललित ने अपनी अनूठी पहचान को स्वीकार किया और इसे अपनी ताकत बना लिया। मीडिया में आई खबरों के चलते वे चर्चा में आए और इसके बाद उन्होंने अपना खुद का यूट्यूब चैनल शुरू किया। वे अब एक सफल यूट्यूबर बनने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

इसके अलावा, ललित को कई अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों में भी आमंत्रित किया गया, जिससे उनकी कहानी दुनिया के सामने आई। आज वे जिस बीमारी की वजह से कभी मजाक का पात्र बने थे, उसी की बदौलत उन्होंने एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है।

गांव के लोगों में उत्साह

गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में नाम दर्ज होने के बाद अब नांदलेटा गांव के लोग गर्व महसूस कर रहे हैं। गांव में ललित के स्वागत के लिए खास तैयारियां की जा रही हैं। वहीं, ललित का यह सफर उन लोगों के लिए प्रेरणा बन गया है, जो किसी भी तरह की असामान्यता से ग्रसित होते हैं।

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