किसान मार्च से पहले पुलिस अलर्ट :सोहागपुर में कांग्रेस और किसान नेताओं को रोका, कुछ घंटे बाद छोड़ा
नर्मदापुरम से भोपाल तक प्रस्तावित किसान मार्च से पहले प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। सोमवार सुबह सोहागपुर में पुलिस ने कांग्रेस और किसान यूनियन से जुड़े कई नेताओं को एहतियातन रोक लिया। कुछ घंटों बाद सभी को छोड़ दिया गया।
इन नेताओं को पुलिस ने रोका
पुलिस ने सोहागपुर ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष सुधीर ठाकुर, किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष कृष्णकांत सिंह ठाकुर, जिला कांग्रेस सचिव जलज शर्मा और कांग्रेस सेवादल के पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष आजाद सिंह पटेल सहित अन्य कार्यकर्ताओं को रोका। उन्हें पहले थाने और बाद में स्थानीय रेस्ट हाउस में रखा गया।
पुलिस बोली- नजरबंद नहीं, सिर्फ एहतियातन रोका
सोहागपुर एसडीओपी संजू चौहान ने कहा कि नेताओं को नजरबंद नहीं किया गया था। उन्होंने बताया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए उन्हें कुछ समय के लिए रोका गया था। बाद में सभी को छोड़ दिया गया।
कांग्रेस का आरोप- घर से उठाकर रोका गया
पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष और किसान नेता पुष्पराज सिंह पटेल ने आरोप लगाया कि किसान नेताओं और कांग्रेस पदाधिकारियों को सुबह उनके घरों से उठाकर भोपाल जाने से रोका गया। उनका कहना है कि यह किसानों की आवाज दबाने की कोशिश है।
100% मूंग खरीदी समेत कई मांगों को लेकर प्रस्तावित था मार्च
जानकारी के अनुसार कांग्रेस और किसान संगठन 100 प्रतिशत मूंग खरीदी सहित अन्य मांगों को लेकर नर्मदापुरम से भोपाल तक किसान मार्च निकालने वाले थे। इसी मार्च में शामिल होने के लिए सोहागपुर से भी बड़ी संख्या में कार्यकर्ता रवाना होने की तैयारी कर रहे थे।
कांग्रेस ने बताया लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रशासन की कार्रवाई का विरोध करते हुए कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन और किसान मार्च में शामिल होना उनका संवैधानिक अधिकार है। नेताओं का आरोप है कि प्रशासन ने उन्हें रोककर लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन किया है।
पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई केवल एहतियात के तौर पर की गई थी, ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे और किसी भी संभावित विवाद या अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।














