
कोलकाता। रामकृष्ण मिशन के अध्यक्ष स्वामी स्मरणानंद का मंगलवार को निधन हो गया। उन्होंने 95 साल की उम्र में रामकृष्ण मिशन सेवा संस्थान में अंतिम सांस ली, वे लंबे समय से बीमार चल रहे थे। उम्र से संबंधित बीमारियों के चलते पिछले कई दिनों से वे यहां भर्ती थे। स्वामी आत्मस्थानंद की मृत्यु के बाद 17 जुलाई 2017 को 16वें प्राचार्य के रूप में संभाला था कार्यभार।
पीएम मोदी का पोस्ट
पीएम मोदी ने एक एक्स पोस्ट में स्मरणानंद महाराज के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की थी। स्वामी स्मरणानंद महाराज के निधन पर पीएम मोदी ने एक एक्स पोस्ट में कहा, “रामकृष्ण मठ और रामकृष्ण मिशन के श्रद्धेय अध्यक्ष श्रीमत स्वामी स्मरणानंद जी महाराज ने अपना जीवन आध्यात्मिकता और सेवा के लिए समर्पित कर दिया। उन्होंने अनगिनत दिलों और दिमागों पर एक अमिट छाप छोड़ी। उनकी करुणा और बुद्धिमत्ता पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।”
Srimat Swami Smaranananda ji Maharaj, the revered President of Ramakrishna Math and Ramakrishna Mission dedicated his life to spirituality and service. He left an indelible mark on countless hearts and minds. His compassion and wisdom will continue to inspire generations.
I had… pic.twitter.com/lK1mYKbKQt
— Narendra Modi (@narendramodi) March 26, 2024
2017 में बने थे रामकृष्ण मिशन के अध्यक्ष
स्वामी स्मरणानंद का जन्म 1929 में तमिलनाडु के तंजावुर के अंदामी गांव में हुआ था। स्वामी स्मरणानंद रामकृष्ण मठ और मिशन के 16वें अध्यक्ष थे। स्वामी आत्मस्थानंद की मृत्यु के बाद 17 जुलाई 2017 को उन्होंने अध्यक्ष का पद संभाला था। 20 साल की उम्र में रामकृष्ण संप्रदाय के साथ उनका पहला संपर्क हुआ था। 22 साल की उम्र में उन्होंने मठवासी जीवन अपना लिया था।