
इंदौर। इंदौर में पिछले दिनों अतिक्रमण एवं कब्जा हटाने गए तहसीलदार और पटवारी पर फायरिंग करने वाले आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की गई है। पुलिस ने रविवार (18 अगस्त) सुबह आरोपी सुरेश पटेल का घर ढहा दिया है। जिला प्रशासन के दल पर हमला करने वाले आरोपी चारों आरोपियों को रासुका के तहत निरूद्ध करने के आदेश जारी किये गए हैं।
ऐसी घटना कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी : कलेक्टर
कलेक्टर आशीष सिंह ने बताया कि, फायरिंग करने वाले आरोपी सुरेश पटेल व अन्य के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (रासुका) की कार्रवाई की जा रही है। ऐसी घटना कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। घटना के बाद कलेक्टर आशीष सिंह ने फायरिंग करने वाले चार आरोपियों के खिलाफ रासुका की कार्रवाई की है। जिन आरोपियों को रासुका में निरूद्ध किया गया है, उनमें सुरेश पिता रतन सिंह पटेल, जयदीप उर्फ भूरा पिजा जय रायण, प्रदीप पिता जय नारायण उर्फ बेडलाल मिश्रा और जय कुमार पिता राजेन्द्र शर्मा शामिल हैं।
क्या है पूरा मामला
जानकारी के मुताबिक, 14 अगस्त को तहसीलदार सैवाल सिंह, नायब तहसीलदार जितेन्द्र वर्मा, पटवारी मयंक चतुर तथा प्रदीप सिंह चौहान अरबिंदो हॉस्पिटल की जमीन से कब्जा हटाने गए थे। इसी दौरान दोपहर करीब डेढ़ बजे जैसे ही कब्जे पर बुलडोजर चला तो वहां मौजूद सिक्योरिटी गार्ड ने 12 बोर बंदूक से गोलियां चलानी शुरू कर दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, करीब 25 से 30 राउंड गोलियां चलाईं गईं। गोली चलती देख तहसीलदार और पटवारी मौके से जान बचाकर भागे। इसका लाइव वीडियो भी सामने आया था। मामला बाणगंगा थाना क्षेत्र का है।
अवैध कब्जेधारी सुरेश ने अरबिंदो अस्पताल की जमीन पर कब्जा जमा रखा है। बताया जा रहा है कि, जिस जमीन से कब्जा हटाया जा रहा था वह ED में अटैच है। जबलपुर हाईकोर्ट से ED की जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने के डायरेक्शन थे। जमीन पर कुल 13 मकान हैं, इनमें से 10 खाली थे और 3 में लोग रह रहे थे।
जमीन को लेकर विवाद
जानकारी के मुताबिक, अरबिंदो अस्पताल और सुरेश पटेल परिवार के बीच जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। साल 2023 में इंदौर विशेष न्यायालय ने जमीन को लेकर अरबिंदो अस्पताल के पक्ष में फैसला सुनाया था। इस जमीन पर पटेल परिवार के 10 लोगों का कब्जा था। इनमें से 9 लोगों ने कब्जे हटा लिए थे, लेकिन सुरेश पटेल का एक मकान बना हुआ है।
कलेक्टर के आदेश पर जमीन का कब्जा हटाने के लिए तहसीलदार सेवल सिंह, पटवारी प्रदीप चौहान, पटवारी मयंक चतुर्वेदी टीम समेत मौके पर गए थे। मकान के अंदर मौजूद 4 से 5 गार्ड रह रहे थे। अफसरों को देख वहां मौजूद गार्ड ने फायरिंग कर दी।
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