
नई दिल्ली। किसान नेताओं और केंद्र के मंत्रियों के बीच चंडीगढ़ में गुरुवार को तीसरे दौर की बातचीत भी बेनतीजा रही। यह बैठक रात 8 बजे से शुरू हुई और करीब 1:30 बजे तक चली लेकिन, कोई हल नहीं निकला। इसके बाद संयुक्त किसान मोर्चा ने आज ‘भारत बंद’ का ऐलान किया है। भारत बंद में देश के सभी किसान यूनियनों के साथ ट्रक और ट्रेड यूनियन भी किसानों का समर्थन कर रहे हैं। बता दें कि पंजाब के किसानों का दिल्ली कूच का आज चौथा दिन है। पंजाब से दिल्ली कूच कर रहे किसानों के जत्थे को हरियाणा-पंजाब के शंभू बॉर्डर पुलिस और पैरामिलिट्री फोर्स ने रोक रखा है। अब रविवार को फिर से बैठक होगी। तब तक दोनों पक्षों ने शांति बनाए रखने की बात कही है।
नहीं बन रही किसानों और सरकार के बीच बात
किसानों और केंद्र सरकार के बीच तीसरे दौर की वार्ता भी सफल नहीं रही। चंडीगढ़ में हुई इस बैठक में केंद्र सरकार की तरफ से केंद्रीय कृषि मंत्री अर्जुन मुंडा, पीयूष गोयल और नित्यानंद राय शामिल हुए। वहीं, उनके साथ इस बैठक में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान भी थे। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, सरकार ने एमएसपी पर कानून बनाने के लिए कमेटी बनाने का प्रस्ताव दिया, जिसमें किसान और सरकार दोनों के प्रतिनिधि होंगे।
हरियाणा में भी सभी टोल फ्री करेंगे
भारत बंद को लेकर पंजाब से हरियाणा और दिल्ली से यूपी तक हाई अलर्ट जारी किया गया है। इसी के साथ दिल्ली के सभी बॉर्डर पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम हैं। वहीं, किसानों के समर्थन में अब हरियाणा में भी प्रदर्शन की तैयारी हो गई है। BKU (चढ़ूनी) के वर्कर आज हरियाणा के सभी टोल दोपहर 12 से 3 बजे तक फ्री करेंगे।
जानें अब तक की बैठक में क्या बनी बात
किसानों की मांगों पर केंद्र सरकार लगातार बातचीत कर रही है। पिछले 9 दिनों में तीन बैठकें की हैं। वहीं, अगली बैठक अब रविवार को होने वाली है। किसानों का आंदोलन 13 फरवरी से शुरू हुआ। इसके पहले दो बैठकें हुईं। इस बैठक में केंद्रीय मंत्रियों ने पेपरवर्क के लिए रविवार तक का समय मांगा है। इस बीच केंद्रीय मंत्री हाईकमान से भी बातचीत करेंगे और रविवार को इस वार्ता को आगे बढ़ाया जाएगा।
- 8 फरवरी को पहली बैठक : किसान आंदोलन रोकने के लिए पंजाब CM भगवंत मान ने किसान नेताओं और केंद्रीय मंत्रियों की चंडीगढ़ में 8 फरवरी को पहली बैठक की थी। किसानों के केस वापस लेने, नकली बीजों और स्प्रे बनाने वाली कंपनियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई समेत अन्य मांगों पर सहमति बनी थी। लेकिन MSP पर सहमति ना बनने पर किसानों ने दिल्ली कूच का फैसला किसा।
- 12 फरवरी को दूसरी बैठक : किसान आंदोलन रोकने की दूसरी बैठक 12 फरवरी को हुई, वो भी बेनतीजा रही। चंडीगढ़ में साढ़े 5 घंटे की मीटिंग के बाद किसान नेताओं ने कहा कि हर मुद्दे पर चर्चा हुई लेकिन, सरकार किसानों की मांगों पर सीरियस नहीं थी। किसान टकराव नहीं चाहते, लेकिन सरकार टकराव चाहती है। सरकार के मन में खोट हैं, जिसके बाद किसानों ने आंदोलन पर कायम रहने की बात कही।
किसानों का अगले तीन दिनों का प्लान
किसानों के प्रदर्शन पर किसान नेता गुरनाम सिंह चारुनी ने अगले तीन दिनों का प्लान बताया है। उन्होंने कहा, “आज तीन फैसले लिए गए, पहला ये कि हम कल दोपहर 12 बजे से शाम 3 बजे तक, 3 घंटे के लिए हरियाणा टोल को फ्री रखेंगे। परसों ट्रैक्टर रैली होगी जिसमें हर तहसील में परेड की जाएगी। इसके बाद 18 फरवरी को दोपहर 12 बजे से सभी किसान और मजदूर संगठनों की संयुक्त बैठक होगी। उसी बैठक में आगे के फैसले लिए जाएंगे।”
हरियाणा के रोहतक में भारत बंद का दिखा असर
हरियाणा के रोहतक में शुक्रवार सुबह भारत बंद असर देखने को मिला है। कई जगहोम पर चक्का जाम लग गया है। यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा।
किसान ने सरकार को दिया 2 दिन का अल्टीमेटम
पंजाब में भारत बंद के दौरान रेलवे और टोल प्लाजा प्रभावित होंगे। प्राइवेट बसों को भी बंद रखने का ऐलान किया है। वहीं, हरियाणा के हिसार के सिसाय कालीरमण में गुरुवार को पंचायत कर 50 सदस्यीय कमेटी बनाई। जिसमें 2 दिन में मांगें ना मानने पर दिल्ली बॉर्डर पर जाने का फैसला लिया गया है।
किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने कहा- आंदोलन नहीं रुकेगा
किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने कहा, ‘आंदोलन चलेगा, यह नहीं रुकेगा, यह शांतिपूर्वक ढंग से चलेगा। किसी तरह की कोई छेड़छाड़ नहीं होगी। हम भी किसान भाइयों से शांतिपूर्वक आंदोलन चलाने की अपील करते हैं।
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