
मप्र जनजातीय संग्रहालय में मजदूर माता-पिता के बेटे चित्रकार सचिन तेकाम की पेंटिंग एग्जीबिशन लगाई गई है। यह एग्जीबिशन 42वीं शलाका चित्र प्रदर्शनी के तहत लिखंदरा प्रदर्शनी दीर्घा में लगाई गई हैं। दर्शक इस प्रदर्शनी को 30 अक्टूबर तक देख सकते हैं। वर्ष 1991 में जन्में सचिन गोंड समुदाय के युवा चित्रकार हैं। सचिन का जन्म ग्राम पाटनगढ़ जिला डिंडौरी में हुआ था। इनके माता-पिता मजदूरी करते थे। तीन भाइयों में सबसे बड़े सचिन ने आठवीं तक पढ़ाई की। इसके बाद रोजगार की तलाश में सचिन भोपाल आकर रहने लगे। यहां अपनी रिश्तेदार छोटी तेकाम से सचिन ने गोंड चित्रकारी सीखी।
चित्रों में दिखी पुश-पक्षी और पेड़-पौधों की झलक
चित्रकार सचिन तेकाम ने अपनी इस सफलता को श्रेय छोटी तेकाम को दिया है। सचिन कहते हैं कि छोटी तेकाम की संगत में चित्रकला के प्रारंभिक गुर सीखे। प्रारंभ में उनके बनाए हुए चित्रों की प्रतिकृतियां बनाने का अभ्यास किया और फिर धीरे-धीरे स्वयं की शैली विकसित की। सचिन कहते हैं, पिछले लगभग आठ साल से चित्रकारी कर रहा हूं। मेरे चित्रों में पशु-पक्षी, पेड़-पौधे एवं अपने पास-पड़ोस के वातावरण की झलक दिखाई देती है। सचिन ने कई शिविरों में सक्रिय भागीदारी की है।