
द इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड एकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई)द्वारा सीए फाइनल परीक्षा के परिणाम बुधवार को घोषित किए गए। हालांकि भोपाल से इस परीक्षा में कोई ऑल इंडिया रैंक नहीं आई, लेकिन शहर में पारुल शुक्ला ने पहला स्थान हासिल किया और दूसरे स्थान पर चेतना मोटियानी रहीं। तीसरे स्थान पर नुपूर जैन रहीं। इसके अलावा कनकराज दुबे और उत्तम कुमार भी इस परीक्षा में सफल रहे। वहीं सीए इंटरमीडिएट परीक्षा में मोहिनी पटेल और आदित्य परमार ने सिटी में पहला स्थान हासिल किया। इसके अलावा अन्य नौ स्टूडेंट्स इस परीक्षा में सफल रहे।
पढ़ाई के दौरान दोस्तों ने रखा मोटिवेटेड
मैंने डीयू से ग्रेजुएशन करने के साथ ही सीए की पढ़ाई की। मैंने 11 वीं क्लास से मन बना लिया था मुझे सीए बनना है तो उसी के मुताबिक अपनी प्लानिंग करती चली गई। सीपीटी पास करने के बाद मैं अपनी कॉलेज लाइफ मिस नहीं करना चाहती थी तो सीए के साथ कॉलेज भी जारी रखा और यहां की सोसायटीज में भी सक्रिय रही। अब मैं गुरुग्राम से आर्किटलशिप कर रही हूं। हॉस्टल में रहते हुए थोड़ा प्रेशर सीए की पढ़ाई का रहता है क्योंकि मोटिवेशन के लिए फैमिली साथ नहीं होती लेकिन दोस्तों ने साथ निभाया। फाइनल एग्जाम से कुछ महीने पहले भोपाल आ गई थी पेरेंट्स के पास रहकर यह आखिरी पड़ाव ठीक से पार कर सकूं और दूसरे प्रयास में मुझे यह सफलता मिली। अब आईसीएआई की कैंपस ड्राइव का इंतजार है तो पहले तो जॉब का ही इरादा है फिर आगे की प्लानिंग करूंगी। i am -पारुल शुक्ला, सीए
रेगुलर स्टडी और सही प्लानिंग से मिली सफलता
मैं इन दिनों मुंबई में इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग कर रही हूं और मैंने पहले प्रयास में ही सीए फाइनल के दोनों ग्रुप एक साथ क्लियर किए हैं। मैंने डीयू से अपनी ग्रेजुएशन पूरी की और साथ ही सीए की पढ़ाई जारी रखी। निश्चित तौर सीए की पढ़ाई काफी कठिन है लेकिन रेगुलर स्टडी और सही प्लानिंग के साथ एग्जाम क्रेक कर सकते हैं। मैं हॉस्टल में रहती थी तो समय बेकार न जाए इसलिए ऑनलाइन कोचिंग की। परीक्षा से चार महीने पहले घर आ गई थी क्योंकि पेरेंट्स के साथ रहकर हर तरह से सपोर्ट मिल पाता है। बिना एक दिन गंवाए हर दिन स्टडी करें। रेगुलर डाउट क्लियर करते रहेंगे तो आगे परेशानी नहीं होगी। मैं डांसिग से खुद को रिलेक्स करती हूं। अब मैं कैंपस ड्राइव के जरिए पहले जॉब करूंगी और फिर अपनी प्रैक्टिस शुरू करने की प्लानिंग करूंगी। -नुपूर जैन, सीए