मीणा समाज शक्ति संगठन में बड़ा बदलाव :अब गांव से बनेगी रणनीति, 5 प्रांत और 26 विधानसभा क्षेत्रों तक होगा विस्तार

रायसेन में आयोजित मीणा समाज शक्ति संगठन की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में संगठन को मजबूत बनाने और समाज के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। बैठक में तय किया गया कि अब संगठन 'बॉटम-अप मॉडल' यानी गांव से लेकर प्रदेश स्तर तक की कार्यप्रणाली अपनाएगा।
ग्राम स्तर से शुरू होगा संगठन का विस्तार
नई व्यवस्था के तहत सबसे पहले गांवों में संगठन की इकाइयों का गठन किया जाएगा। इससे ग्रामीणों की समस्याएं, सुझाव और समाज की जरूरतें सीधे संगठन के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंच सकेंगी। संगठन का उद्देश्य हर गांव तक अपनी पहुंच बनाना है।
5 प्रांत और 26 विधानसभा क्षेत्रों तक बढ़ेगा संगठन
बैठक में संगठन के विस्तार की रणनीति को मंजूरी दी गई। निर्णय लिया गया कि संगठन को चरणबद्ध तरीके से 5 प्रांतों और 26 विधानसभा क्षेत्रों तक मजबूत किया जाएगा। इसके लिए नए कार्यकर्ताओं को जोड़ने और मजबूत संगठनात्मक ढांचा तैयार करने का अभियान चलाया जाएगा।
युवाओं के रोजगार और नेतृत्व पर रहेगा फोकस
प्रदेश कार्यसमिति ने युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए रोजगार एवं उद्योग प्रकोष्ठ को सक्रिय करने का फैसला लिया। साथ ही विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले समाज के प्रतिभाशाली लोगों का जिला स्तर पर सम्मान किया जाएगा।
संस्कृति संरक्षण के लिए बनेगी 'गोत्र वाटिका'
समाज की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने के लिए प्रत्येक क्षेत्र में 'गोत्र वाटिका' विकसित करने की योजना बनाई गई है। संगठन का मानना है कि इससे नई पीढ़ी अपनी परंपराओं और सांस्कृतिक मूल्यों से जुड़ी रहेगी।
प्रदेश, प्रांत और जिलों में नई नियुक्तियां
बैठक में संगठन को मजबूत करने के लिए कई नई जिम्मेदारियां सौंपी गईं।
प्रदेश एवं प्रांत स्तर की नियुक्तियां
मध्य भारत प्रदेश अध्यक्ष – देवकरण मीणा
नर्मदांचल प्रांत अध्यक्ष – माखन मीणा
नर्मदांचल संगठन मंत्री – हेमसिंह मीणा
मालवा प्रांत अध्यक्ष – राकेश मीणा
मालवा प्रांत उपाध्यक्ष – योगेश मीणा
मालवा संगठन मंत्री – रोहित मीणा
चंबल प्रांत अध्यक्ष – श्याम मीणा
जिला अध्यक्ष नियुक्त
राजगढ़ – सत्यम मीणा
विदिशा – रवि मीणा
रायसेन – मलखान मीणा
खंडवा – विवेक मीणा
इंदौर – पंकज मीणा
सीहोर – मनोज मीणा
शाजापुर – रामबाबू मीणा
चार सूत्रीय कार्ययोजना पर होगा काम
संगठन ने आने वाले समय के लिए चार प्रमुख लक्ष्य तय किए हैं।
- पांचों प्रांतों में कार्यकर्ता प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जाएंगे।
- जिला स्तर पर प्रतिभा सम्मान समारोह और कार्यकारिणी का विस्तार किया जाएगा।
- युवाओं के लिए रोजगार एवं उद्योग प्रकोष्ठ को सक्रिय किया जाएगा।
- समाज की संस्कृति के संरक्षण के लिए गोत्र वाटिका की स्थापना की जाएगी।
गांव से राष्ट्रीय स्तर तक मजबूत होगा संगठन
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि नई कार्यप्रणाली से समाज का हर व्यक्ति संगठन से जुड़ सकेगा। ग्राम स्तर से शुरू होकर जिला, प्रांत और राष्ट्रीय स्तर तक मजबूत नेटवर्क तैयार किया जाएगा, जिससे समाज की समस्याओं को प्रभावी ढंग से शासन-प्रशासन तक पहुंचाया जा सके और सामाजिक, शैक्षणिक व आर्थिक विकास को गति मिले।
(Edited By - Shivani Gupta)












