
भारत के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी हत्याकांड के दोषी एजी पेरारिवलन को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। 31 साल से जेल में बंद हत्यारा ए. जी. पेरारिवलन को रिहा कर दिया है। इस मामले में मानवीयता के आधार पर पेराविलन ने याचिका दाखिल की थी।
याचिका में कही गई ये बात
पेरारिवलन ने सुप्रीम कोर्ट में दायर अपनी याचिका में कहा था कि तमिलनाडु सरकार ने उसे रिहा करने का फैसला लिया था, लेकिन राज्यपाल ने फाइल को काफी समय तक अपने पास रखने के बाद राष्ट्रपति को भेज दिया था। यह संविधान के खिलाफ है। वहीं जस्टिस एल नागेश्वर की बेंच ने आर्टिकल 142 का इस्तेमाल करते हुए उसे रिहा करने का आदेश दिया है।
21 मई को हुई थी राजीव गांधी की हत्या
21 मई 1991 को एक चुनावी रैली के दौरान तमिलनाडु में एक आत्मघाती हमले में राजीव गांधी की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में पेरारिवलन समेत 7 लोगों को दोषी पाया गया था। टाडा अदालत और सुप्रीम कोर्ट ने पेरारिवलन को मौत की सजा सुनाई थी।
बाद में दया याचिका की सुनवाई में देरी की वजह से पेरारिवलन की मौत की सजा को उम्रकैद में बदल दिया गया था। इसके बाद तमिलनाडु सरकार ने उसकी उम्रकैद को भी खत्म कर रिहा करने के लिए एक रिजॉल्यूशन पास किया था।