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एजेंट बनकर कंपनी में ज्यादा दाम पर वाहन अटैच करने का लालच देकर हड़प लेते थे कार, 3 आरोपी गिरफ्तार, 1 करोड़ रुपए की 8 लक्जरी कारें बरामद

एजेंट बनकर कंपनी में ज्यादा दाम पर वाहन अटैच करने का लालच देकर हड़प लेते थे कार, 3 आरोपी गिरफ्तार, 1 करोड़ रुपए की 8 लक्जरी कारें बरामद
जबलपुर। संस्कारधानी में बेरोजगार लोगों को पंसाने के लिए नया पैंतरा आजमाने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। आरोपी खुद को टास्क कंपनी का एजेंट बताकर कंपनी में कार लगवाने के नाम पर लोगों से नई कार फायनेंस करवाते और अनुवंध कर कार का दो-तीन महीने का किराया भी दे देते। इसके बाद वे कार चोरी होने की बात कहकर उन गाड़ियों का चेसिस नंबर बदलकर दूसरे को बेच देते। पुलिस ने इस शातिर गिरोह का पर्दाफाश कर 3 ठगों को गुजरात के सूरत से गिरफ्तार किया है। उनके पास से 1 करोड़ रुपए कीमत की 8 कारें भी बरामद की हैं। फिलहाल 2 आरोपी अब भी फरार हैं और पुलिस उनकी तलाश में जुटी है।

ऐसे देते थे वारदात को अंजाम

पुलिस को सतेन्द्र सिंह ठाकुर ने शिकायत की थी कि पीयूष नायडू, अरुण मसीह, रेशू मसीह, पंकज खत्री और नवीन खत्री ने खुद को टास्क-टास्क नामक कंपनी का एजेंट बताकर कंपनी में कार लगाने के नाम पर किराएनामे पर अनुबंध किया था। सतेंद्र ने उनकी बातों में आकर नई कार खरीदी थी। दो माह तक किराया देने के बाद इन लोगों ने वाहन चोरी हो जाने की बात कहते हुए उनकी कार हड़प ली। जब पुलिस ने तफ्तीश शुरू की तो इस गैंग का राज प्याज के छिलकों की तरह उतरता गया। आरोपी नए लोगों को अपना शिकार बनाते थे। उन्हें रोजगार का लालच देकर नई कार फायनेंस कराई जाती और बकायदा गाड़ी अटैच करने का एग्रीमेंट भी होता था। दो माह तक किस्तें देंने के बाद गाड़ी का चोरी होने बता दिया जाता। यह वारदात जबलपुर में कई लोगों के साथ हुई। पुलिस जांच में सामने आया कि इस गिरोह का अरुण मसीह गाड़ी चोरी का काम करता था और वाहनों का चेसिस नंबर बदल कर फायनेंस कराई गई कार हड़प लेता था। अरुण अपने लडके रेशु के नाम से फर्जी दस्तावेज बनवाता। ये फर्जी दस्तावेज गिरोह के अन्य साथियों पीयूष नायडू, नवीन खत्री ओर पंकज खत्री के जरिए तैयार कराए जाते थे। जिसके बाद पंकज खत्री नई कार ले जाकर दूसरे प्रदेश मे बेच देता था।

गुजरात के सूरत से हुई गिरफ्तारी

सतेन्द्र सिंह ठाकुर ने पीयूष नायडू के साथ अनुबंध करके अपनी स्विफ्ट कार दी थी, लेकिन आरोपियों ने वह कार सूरत (गुजरात) में किसी और को बेच दी। इसी तरह शातिर चोरों ने कंपनी में लगाने के नाम पर कई लोगों से कार हड़प ली। जिसके बाद पुलिस ने सूरत और अहमदाबाद में दबिश दी। जहां से पुलिस ने पंकज खत्री, पीयूष नाय़डू और नवीन खत्री को हिरासत में लेकर पूछताछ की। इसके साथ ही पुलिस ने उनके पास से 3 कारें भी जब्त कीं। पुलिस आरोपियों को जबलपुर लेकर आई और कोर्ट में पेश कर आरोपियों को पांच दिन की रिमांड पर लेकर सख्ती से पूछताछ की। इसके बाद 5 और कारें इस गिरोह से बरामद हुईं, बरामद हुई 8 कारों की कीमत एक करोड़ रूपए से अधिक है। अब पुलिस को दो मुख्य आरोपियों अरूण और रेशु मसीह की तलाश है, जो पुलिस की छापेमारी के बाद से ही फरार हैं। ये भी पढ़ें-Bhojshala ASI Survey : तीसरा दिन आज, सर्वे टीम के साथ हिंदू-मुस्लिम पक्षकार भी मौजूद; पहले दिन के सर्वे को शून्य करने की मांग
People's Reporter
By People's Reporter

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