
इंटरनेशनल डेस्क। ईरानी सेना ने एक बार फिर पाकिस्तान में घुसकर सर्जिकल स्ट्राइक की है। ईरान की सेना ने जैश-अल-अदल के ठिकानों पर हमला किया, जिसमें आतंकी संगठन का कमांडर इस्माइल शाह बख्श और उसके कुछ अन्य साथी ढेर हो गए। यह जानकारी ईरान की सरकारी मीडिया ने दी है। जानकारी के अनुसार, ईरान की सेना शुक्रवार शाम को सीमावर्ती प्रांत सिस्तान-बलूचिस्तान के पास पाकिस्तान में घुसी और आतंकी शाह बख्श को मार गिराया। हाल ही में दोनों देशों ने एक-दूसरे पर हवाई हमले भी किए थे।
जैश-अल-अदल के ठिकानों पर किया हमला
ईरान ने शुक्रवार देर रात पाकिस्तान में सुन्नी आतंकी संगठन ‘जैश-अल-अदल’ के ठिकानों पर हमला किया। उसमें एक कमांडर समेत कई आतंकी मारे गए। ईरानी मीडिया ने जानकारी देते हुए अपनी रिपोर्ट में लिखा – ईरान की सेना ने पाकिस्तान की सीमा में जैश-अल-अदल कमांडर इस्माइल शाह बख्श समेत कई आतंकियों को मार गिराया है। हालांकि, हमला पाकिस्तान के किस शहर में किया गया, इसकी जानकारी नहीं दी गई।
PAK जानता था ईरान के हमले के बारे में
बता दें कि, ईरान ने इसी तरह का हमला पाकिस्तान पर 16 जनवरी को भी किया था। तब ईरानी सेना ने बलूचिस्तान में मिसाइल और ड्रोन्स से अटैक किया था। जिसका जवाब पाकिस्तान ने अगले दिन ईरान पर अटैक कर दिया था। हाल ही में आई ईरान मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पाकिस्तान को 16 जनवरी को हुई ईरान की एयर स्ट्राइक के बारे में जानकारी दी गई थी।
ईरान ने पाकिस्तान पर क्यों किया था हमला
ईरान एक शिया बहुल देश है, जबकि पाकिस्तान में करीब 95% लोग सुन्नी हैं। पाकिस्तान के सुन्नी संगठन हमेशा से ही ईरान का विरोध करते आ रहे हैं। इसके अलावा बलूचिस्तान का जैश अल अदल आतंकी संगठन ईरान की सीमा में घुसकर कई बार वहां की सेना पर हमले करते आया है। जिसके जवाब में ईरान सरकार कई बार पाकिस्तान को आतंकी संगठनों पर लगाम लगाने की वॉर्निंग दे चुकी है। लेकिन पाकिस्तान ने नहीं सुनी। 2015 में पाकिस्तान और ईरान के रिश्ते बेहद खराब हो गए थे। तब ईरान के आठ सैनिक पाकिस्तान से ईरानी क्षेत्र में घुसे सुन्नी आतंकवादियों के साथ संघर्ष में मारे गए। यह आतंकी भी जैश अल अदल के थे। तब ईरान सरकार ने कहा था- हमारी सीमा पर तैनात सैनिकों का पाकिस्तान से घुसे आतंकवादियों के साथ संघर्ष हुआ। हमारे आठ सैनिक शहीद हो गए। हम इस मामले में जवाबी कार्रवाई जरूर करेंगे।
2012 में हुआ था जैश अल-अदल का गठन
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जैश अल-अदल का गठन 2012 में हुआ था, जिसे ईरान आतंकवादी संगठन मानता है। इसी वजह से ईरान ने यहां हमला किया है। पिछले कुछ वर्षों में जैश अल-अदल ने ईरानी सुरक्षा बलों पर कई हमले भी किए हैं। दिसंबर में जैश अल-अदल ने सिस्तान-बलूचिस्तान में एक पुलिस चौकी पर हमले की जिम्मेदारी ली थी, जिसमें 11 पुलिसकर्मियों की मौत हो गई थी।
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