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शिक्षा के क्षेत्र में AI की बढ़ती जरूरत, जानें छात्रों के लिए क्यों जरूरी है इसकी लिटरेसी, बदलते बाजार के साथ बढ़ रही मांग

डिजिटल युग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का महत्व तेजी से बढ़ रहा है। यह न केवल तकनीकी क्षेत्र तक सीमित है, बल्कि हेल्थकेयर, फाइनेंस, मैन्युफैक्चरिंग, शिक्षा सहित कई उद्योगों का अभिन्न हिस्सा बन चुका है। ऐसे में, भविष्य के वर्कफोर्स को तैयार करने के लिए छात्रों में AI लिटरेसी विकसित करना आवश्यक हो गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि उच्च शिक्षा संस्थानों को अपने पाठ्यक्रम में AI लिटरेसी को शामिल करना चाहिए ताकि छात्र बदलते जॉब मार्केट के लिए तैयार हो सकें।

AI लिटरेसी की आवश्यकता क्यों

AI तेजी से पारंपरिक नौकरियों को प्रभावित कर रहा है। विभिन्न संगठन ऑटोमेशन, डेटा एनालिसिस और निर्णय लेने के लिए AI-ड्रिवन सॉल्यूशंस अपना रहे हैं। इससे उन पेशेवरों की मांग बढ़ रही है जो AI की मूलभूत समझ रखते हैं। हालांकि, अभी इंडस्ट्री की जरूरतों और ग्रैजुएट्स के AI स्किल्स के बीच एक अंतर देखने को मिल रहा है। कई छात्र सीमित AI एक्सपीरियंस के साथ ग्रैजुएट होते हैं, जिससे वे AI-इंस्पायर्ड वर्कप्लेसेज के लिए पूरी तरह से तैयार नहीं होते।

AI लिटरेसी में कौन सी चीजें हैं शामिल

छात्रों को भविष्य के लिए तैयार करने के लिए AI लिटरेसी में AI की मूलभूत समझ, मशीन लर्निंग, डीप लर्निंग, नेचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग और कंप्यूटर विज़न जैसी तकनीकों की जानकारी होनी चाहिए। तकनीकी दक्षता के लिए Python, TensorFlow, PyTorch जैसी प्रोग्रामिंग लैंग्वेज और टूल्स का व्यावहारिक ज्ञान आवश्यक है। AI के सामाजिक और नैतिक प्रभावों को समझना भी जरूरी है ताकि इसके जिम्मेदार उपयोग को सुनिश्चित किया जा सके। विभिन्न विषयों में AI के उपयोग की समझ और व्यावहारिक समस्याओं के समाधान की क्षमता भी विकसित की जानी चाहिए।

हायर एजुकेशन में AI लिटरेसी का एकीकरण

AI लिटरेसी को प्रभावी ढंग से उच्च शिक्षा में शामिल करने के लिए संस्थानों को अपने सिलेबस में AI से संबंधित विषयों को शामिल करना चाहिए। विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को AI-ड्रिवन इंडस्ट्रीज के साथ साझेदारी करनी होगी ताकि छात्रों को व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हो सके।

AI आधारित शैक्षिक उपकरणों का उपयोग भी किया जाना चाहिए, जिससे छात्रों की सीखने की प्रक्रिया अधिक प्रभावी हो। शिक्षकों के लिए ट्रेनिंग प्रोग्राम आयोजित किए जाने चाहिए ताकि वे छात्रों को सही मार्गदर्शन दे सकें। रिसर्च और इनोवेशन को बढ़ावा देना भी आवश्यक है ताकि छात्र नए प्रयोग और खोज कर सकें। यह भी जरूरी है कि AI केवल कंप्यूटर साइंस के छात्रों तक सीमित न रहे, बल्कि अन्य विषयों के छात्रों के लिए भी AI कोर्स उपलब्ध कराए जाएं।

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