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Arvind Kejriwal Bail Update : आज जेल से बाहर आएंगे CM अरविंद केजरीवाल, शराब नीति से जुड़े CBI केस में सुप्रीम कोर्ट से मिली जमानत

नई दिल्ली। दिल्ली शराब नीति केस में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई है। वे 156 दिनों बाद जेल से बाहर आएंगे। फैसला जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस उज्जल भुइयां की बेंच ने सुनाया है। हालांकि, कोर्ट ने CBI की गिरफ्तारी को नियमों के तहत बताया।

दिल्ली शराब नीति घोटाला मामले में गिरफ्तार दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही फैसला सुरक्षित रख लिया था। CBI ने केजरीवाल को 26 जून को अरेस्ट किया था। दिल्ली CM ने इस गिरफ्तारी को अवैध बताते हुए जमानत याचिका लगाई।

केजरीवाल के खिलाफ दो जांच एजेंसी (ED और CBI) ने केस दर्ज किया है। ED मामले में दिल्ली CM को सुप्रीम कोर्ट से 12 जुलाई को जमानत मिल चुकी है।

केजरीवाल की जमानत पर कोर्ट की शर्तें

  • अरविंद केजरीवाल मुख्यमंत्री कार्यालय और सचिवालय नहीं जा सकेंगे।
  • जब तक बहुत जरूरी न हो केजरीवाल किसी भी सरकारी फाइल पर साइन नहीं करेंगे।
  • केस और अपने ट्रायल को लेकर कोई सार्वजनिक बयान या टिप्पणी नहीं करेंगे।
  • जांच में बाधा डालने या किसी भी गवाह को प्रभावित करने की कोशिश नहीं करेंगे।
  • केस से जुड़ी किसी भी आधिकारिक फाइल तक पहुंच नहीं रखेंगे।
  • जरूरत पड़ने पर ट्रायल कोर्ट में पेश होंगे और जांच में सहयोग करेंगे।
  • 10 लाख रुपए का बेल बॉन्ड भरना होगा।

केजरीवाल ने 156 दिन जेल में बिताए

  • 21 मार्च 2024 : केजरीवाल को ED ने गिरफ्तार किया था। 10 दिन की पूछताछ के बाद 1 अप्रैल को तिहाड़ जेल भेजा गया।
  • 10 मई 2024 : 21 दिन के लिए लोकसभा चुनाव में प्रचार के लिए रिहा किया गया। ये रिहाई 51 दिन जेल में रहने के बाद मिली थी। सुप्रीम कोर्ट ने एक जून तक की रिहाई मंजूर की थी।
  • 2 जून 2024 : केजरीवाल ने तिहाड़ जेल में सरेंडर कर दिया था।
  • 13 सितंबर 2024 : आज अगर केजरीवाल की रिहाई होती है तो उन्हें  जेल गए कुल 177 दिन हो जाएंगे। इसमें से वह 21 दिन अंतरिम जमानत पर रहे।
  • अगर 21 दिन की रिहाई को कम कर दिया जाए तो केजरीवाल कुल 156 दिन जेल में रहे।

शराब नीति केस में कौन कितने दिन जेल में रहा

नाम गिरफ्तारी रिहाई कितने दिन
अरविंद केजरीवाल 21 मार्च 2024 13 सितंबर 2024 177
संजय सिंह 4 अक्टूबर 2023 2 अप्रैल 2024 181
मनीष सिसोदिया 26 फरवरी 2023 9 अगस्त 2024 510
के कविता 15 मार्च 2024 27 अगस्त 2024 150

HC ने CBI की गिरफ्तारी को बरकरार रखा था

5 अगस्त को दिल्ली हाईकोर्ट ने कथित आबकारी नीति घोटाले के मामले में सीबीआई द्वारा केजरीवाल की गिरफ्तारी को बरकरार रखा था। सीएम अरविंद केजरीवाल की तरफ से इस गिरफ्तारी को चुनौती देने के लिए याचिका दायर की गई थी, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया था।

कोर्ट ने कहा था कि, सीबीआई की कार्रवाई में कोई दुर्भावना नहीं है, जिससे पता चलता है कि आम आदमी पार्टी प्रमुख उन गवाहों को कैसे प्रभावित कर सकते हैं, जो उनकी गिरफ्तारी के बाद ही गवाही देने का साहस जुटा सकते हैं। हाई कोर्ट पहले ही उनकी जमानत याचिका खारिज कर चुका है, जिसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।

21 मार्च को गिरफ्तार हुए थे केजरीवाल

ईडी ने लगभग दो घंटे की पूछताछ के बाद अरविंद केजरीवाल को 21 मार्च को उनके आधिकारिक आवास से गिरफ्तार किया था। इसके बाद उन्हें 22 मार्च को राऊज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया और पूछताछ के लिए 10 दिनों की रिमांड मांगी, लेकिन कोर्ट ने छह दिन की रिमांड दी। 28 मार्च को केजरीवाल की रिमांड अवधि खत्म हुई, जो बाद में 1 अप्रैल तक बढ़ा दी गई। कोर्ट ने केजरीवाल को 1 अप्रैल से 15 अप्रैल तक के लिए ज्यूडिशियल कस्टडी में भेजा था। जिसके बाद फिर से राउज एवेन्यू कोर्ट ने केजरीवाल की न्यायिक हिरासत बढ़ा दी थी। केजरीवाल​​​​​​ को तिहाड़ जेल में 2 नंबर बैरक में रखा गया था।

HC ने रिमांड को सही ठहराया था

दिल्ली हाईकोर्ट ने 9 अप्रैल को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को जमानत देने वाली याचिका खारिज कर दी और शराब नीति मामले में केजरीवाल की गिरफ्तारी-रिमांड को सही ठहराया था। हाईकोर्ट ने कहा था- ED ने हमारे सामने पर्याप्त सबूत पेश किए। अपनी याचिका में केजरीवाल ने कहा था कि उनकी गिरफ्तारी PMLA (मनी लॉन्ड्रिंग कानून) की धारा-19 का उल्लंघन है। जिस पर जस्टिस स्वर्ण कान्त शर्मा ने कहा कि ईडी द्वारा जुटाए गए तथ्यों से पता चलता है कि अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली की शराब नीति बनाने में आरोपियों के साथ मिलकर साजिश रची और इससे मिले पैसों का इस्तेमाल गोवा इलेक्शन में किया।

पहली बार किसी सीएम की हुई गिरफ्तारी

यह पहला ऐसा मामला है जब किसी मुख्यमंत्री को पद पर रहते हुए ही गिरफ्तार कर लिया गया। इससे पहले जो भी सीएम किसी आरोप के कारण जांच या फिर गिरफ्तारी के दायरे में आए थे, उन्होंने अपने पद से पहले ही इस्तीफा दे दिया था। झारखंड के पूर्व CM हेमंत सोरेन को भी ED ने गिरफ्तार किया था। सोरेन ने ED की हिरासत में राजभवन जाकर इस्तीफा दे दिया था।

क्या है पूरा मामला ?

दिल्ली में केजरीवाल की सरकार में डिप्टी सीएम रहे मनीष सिसोदिया ने 22 मार्च 2021 को नई शराब नीति का ऐलान किया था। 17 नवंबर 2021 को नई शराब नीति यानी एक्साइज पॉलिसी 2021-22 लागू कर दी गई। नई शराब नीति लागू करने के बाद सरकार शराब के कारोबार से बाहर आ गई और शराब की पूरी दुकानें निजी हाथों में चली गई। नई नीति लाने के पीछे सरकार का तर्क था कि इससे माफिया राज खत्म होगा और सरकार का रेवेन्यू में बढ़ेगा। नई नीति से रेवेन्यू में 1500-2000 करोड़ रुपए की बढ़ोतरी की उम्मीद जताई गई थी।

नई पॉलिसी में कहा गया था कि दिल्ली में शराब की कुल दुकानें पहले की तरह 850 ही रहेंगी। हालांकि, नई नीति शुरू से ही विवादों में रही। जब बवाल ज्यादा बढ़ गया, तब 28 जुलाई 2022 को सरकार ने नई शराब नीति रद्द कर फिर पुरानी पॉलिसी लागू कर दी। मामले में सीबीआई को जांच ट्रांसफर दी गई। मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा एंगल आने पर इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय की एंट्री हो गई। उसके बाद से AAP के कई सीनियर नेता और उनके करीबी सहयोगी जांच एजेंसी के निशाने पर आ गए।

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